पिथौरागढ़। नगर से सटे बस्ते में मकान के बीच की गली में सुबह छह बजे तेंदुए का बच्चा घुस गया। वन विभाग ने राहत-बचाव अभियान चलाकर तेंदुए को पिंजरे में कैद किया। तेंदुए को देखने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण राहत बचाव अभियान में चार घंटे लग गए।
तेंदुए के बच्चे की उम्र तकरीबन आठ माह बताई जा रही है। वन विभाग ने तेंदुए के शावक को रेस्क्यू तो कर लिया है लेकिन बच्चे की तलाश में मां के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में घुसने की आशंका है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
शुक्रवार को बस्ते क्षेत्र में महिलाओं को खेतों में तेंदुए का बच्चा दिखा। इसके बाद वह धीरे-धीरे घरों के नजदीक हल्दी के खेतों में पहुंच गया। घरों के नजदीक आते ही लोगों ने शोर मचाया तो तेंदुआ मां जयंती मोटर्स के पास शेखर शर्मा के घर के पास बनी गली में घुस कर गुर्राने लगा। गली के संकरा होने और आसपास जुटी के कारण वह गली से बाहर नहीं निकल पाया।
लोगों ने वन विभाग को गली में तेंदुए के फंसने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। नौ बजे बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाया।
किसी तरह वन विभाग की टीम तेंदुए को साढ़े 10 बजे रेस्क्यू कर पाई। वन विभाग की रेस्क्यू टीम में वन दरोगा कैलाश चंद्र ग्वासीकोटी, डिप्टी रेंजर जगदीश सिंह, मनोज सिंह ज्याला, गणेश चिराल, गिरीश जोशी, प्रकाश जोशी, धीरज तिवारी, महेश सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
छह बजे सूचना देने के बाद भी नौ बजे पहुंची वन विभाग की टीम
पिथौरागढ़। बस्ते में आबादी के बीच तेंदुए के शावक घुसने की सूचना लोगों ने वन विभाग को छह बजे दी। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी टीम रेस्क्यू के लिए नौ बजे पहुंची। लोगों का कहना है कि इन दिनों पिथौरागढ़ में तेंदुए के दिखने की सूचना है लेकिन सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई।
वन दरोगा कैलाश चंद्र ग्वासीकोटी ने अकेले दबोच लिया तेंदुए को
पिथौरागढ़। तेंदुए के शावक के निकलने के बाद वन विभाग की टीम नेट लगाकर पकड़ने की कोशिश करने लगा तो तेंदुआ भागने लगा। इसके बाद वन दरोगा कैलाश चंद्र ग्वासीकोटी तेंदुए के नजदीक जाकर शावक को अकेले पकड़ लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम के अन्य सदस्यों ने आकर तेंदुए को पिंजरे में डाला। तेंदुए ने वन दरोगा के हाथ पर काटा है। साथ ही उनके कपड़े भी फट हैं। रेंजर दिनेश जोशी ने बताया कि तेंदुए को उसके प्राकृतिक वास में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। कहा कि राहत बचाव के दौरान चोट नहीं आई है।
पिथौरागढ़ में जाम लगा
पिथौरागढ़। बस्ते क्षेत्र में तेंदुए के फंसने की सूचना के बाद तेंदुए को देखने के लिए लोग वहां गाड़ी रोकने लगे। इससे बस्ते क्षेत्र में जाम लग गया। स्थानीय लोगों ने जाम खुलवाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई।
तेंदुओं ने जंगल को छोड़ शहर को बनाया ठिकाना
पिथौरागढ़। तेंदुओं ने जंगल छोड़कर शहर को अपना ठिकाना बना दिया है। इसका मुख्य कारण है कि पिथौरागढ़ नगर चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है। नये भवनों के निर्माण के लिए जंगल काटे जा रहे हैं। इस कारण तेंदुए मानव बस्ती की ओर दस्तक दे रहे हैं। मानव बस्ती में तेंदुओं की आमद अच्छे संकेत नहीं हैं।
इन दिनों हर रोज पिथौरागढ़ नगर में तेंदुए की दिखने की सूचना आम हो गई है। कुछ समय पूर्व बजेटी गांव में तेंदुए ने एक मासूम लड़की को अपना निवाला बनाया था। बजेटी में पहले भी तेंदुआ कई लोगों को अपना निवाला बना चुका है। इससे पूर्व तेंदुआ रात के वक्त बैंक रोड स्थित ओझा भवन में घुस गया था।
इसके साथ ही रई, लिंठ्यूड़ा,जीआईसी सहित कई स्थानों में तेंदुआ दिख चुका है। जानकारों की माने तो नगर के लगे जंगलों में जंगली जानवर कम हैं। इसलिए तेंदुआ आसान शिकार की तलाश में मानव बस्ती में आ रहा है।
अभी तक कई पालतू कुत्तों को तेंदुआ अपना निवाला बना चुका है। नगर के चारों और तेंदुए की दस्तक से लोग सहमे हुए हैं। वन विभाग की टीम लोगों को कोई नुकसान ना पहुंचे इसके लिए रात में गश्त कर रही है।
तेंदुए की डर से व्यापारी जल्द कर रहे हैं दुकान बंद
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर में तेंदुए का खौफ इतना बढ़ गया है कि व्यापारी अपनी दुकानों को जल्द बंद कर घरों को चले जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि घर के अंदर पहुंचने तक तेंदुए का डर लगा रहता है।