गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के खेती गांव में 10 साल के बच्चे को निवाला बनाने के बाद तेंदुआ और अधिक आक्रामक हो गया है। तेंदुआ वन विभाग की नजरों से ओझल होकर लोगों और जानवरों पर हमला कर रहा है। खेती गांव से तीन किलोमीटर दूर भूली गांव में तेंदुआ घास काटने गई महिला काैशल्या के पीछे हमला करने के लिए दौड़ा। साथियों के हौसले से महिला की जान बच गई। वन विभाग के तमाम प्रयासों और पिंजरों के बावजूद तेंदुआ पकड़ से बाहर है और लगातार हमलों को अंजाम दे रहा है जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
विकासखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर खेती गांव में बीते शनिवार शाम आंगन में खेल रहे 10 साल के बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया। करीब 200 मीटर दूर बच्चे का शव मिला। तब से 35 वन कर्मी तेंदुए की खोजबीन में जुटे हैं लेकिन उन्हें वह नजर नहीं आया। गांव और आसपास के क्षेत्र में लगे तीन पिंजरों में भी तेंदुआ कैद नहीं हो सका है। वन विभाग को तेंदुआ तो नजर नहीं आ रहा है लेकिन वह आसपास के लोगों और जानवरों के लिए मुसीबत बन गया है।
बीते सोमवार तेंदुए ने खेती से एक किलोमीटर दूर भंडारीगांव में कुत्ते के एक बच्चे को मार डाला जबकि दो को साथ ले गया। तेंदुए के हमले की घटना यहीं नहीं रुकी। इसी दिन घटनास्थल से तीन किमी दूर भूली गांव में घास काटने गई एक महिला के पीछे तेंदुआ हमला करने के लिए दौड़ा। साथियों ने शोर मचाया तो तेंदुआ भाग खड़ा हुआ और महिला की जान बच गई। डरी-सहमी महिलाओं ने घास काटना छोड़ घरों का रुख किया। हालात यह है कि महिलाएं अब घास काटने जंगल नहीं जा रही हैं। इन घटनाओं के बाद आसपास के गांवों के ग्रामीणों में भी दहशत है। लोग अकेले घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। संभावना है कि क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुए हो सकते हैं। लोगों को भी सतर्क रहना होगा।
-नेहा सौन, एसडीओ, वन विभाग, गंगोलीहाट