घात लगाए तेंदुआ उस पर हमला कर जंगल की ओर खींच ले गया था। बच्ची की मां हेमा देवी सहित आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाते हुए पीछा करने पर तेंदुआ लगभग 100 मीटर दूर बच्ची को घायल हालत में छोड़ गया था।
गंगोलीहाट के जाखनी उप्रेती गांव में बालिका को घायल करने वाला तेंदुए पिंजरे में कैद हो गया है। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। 11 मई की शाम को जाखनी उप्रेती गांव में कमल सिंह की सात साल की बेटी शशिकला अपनी मां हेमा देवी के साथ घर के पास खेतों में गई थी।
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इसी दौरान घात लगाए तेंदुआ उस पर हमला कर जंगल की ओर खींच ले गया था। बच्ची की मां हेमा देवी सहित आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाते हुए पीछा करने पर तेंदुआ लगभग 100 मीटर दूर बच्ची को घायल हालत में छोड़ गया था। ग्रामीणों की मांग पर घटना के दूसरे दिन वन विभाग ने गांव के खेतों में पिंजरा लगा दिया था।
मंगलवार की रात को तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सूचना पर गश्त कर रहे वन दरोगा देवेंद्र सिंह मेहरा, त्रिलोक सिंह, भरत सिंह बोहरा, वन रक्षक निखिलेश वर्मा, अजय पॉलीवाल, वन सहायक पूरन सिंह, शेर सिंह, कमल सिंह और महिपाल सिंह तड़के चार बजे मौके पर पहुंचे। रेंजर मनोज सनवाल ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुए का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेजा जाएगा। इधर हमले में घायल बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है।