नाचनी/मुनस्यारी/बंगापानी(पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया।
बंगापानी तहसील के धामीगांव में भूस्खलन से एक मकान जमींदोज होने से मां-बेटे और तेजम तहसील के गूंठी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मलबे में दबे शवों को बाहर निकाल लिया है। मौसम के कहर से मुनस्यारी और धारचूला विकासखंडों के लोग भयभीत हैं।
रविवार रात पहाड़ी से हुए भूस्खलन से बंगापानी के धामीगांव के भ्यूला तोक में विशन देवी का मकान मलबे के साथ बह गया। इस घटना में 55 वर्षीय विशना देवी पत्नी हयात सिंह और जवाहर सिंह पुत्र हयात सिंह मलबे में दबने से मौत हो गई। इसके अलावा 40 बकरियां, दो भैंस, दो बैल, दो गाय और एक कुत्ता भी मलबे में दफन हो गए। तेज बारिश के शोर के कारण रात को घटना का पता नहीं चल सका। सुबह होने पर जब लोग घरों से बाहर निकले तो मकान की जगह खाई बनी हुई थी। क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत सिंह मेहरा और प्रधान कुमेर राम आर्या ने इसकी सूचना पुलिस और तहसील प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस टीम के साथ तहसील के अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मलबे के कारण सड़कें बंद होने से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पैदल गांव तक जाना पड़ा। पुलिस टीम के साथ ही एनडीआरएफ के जवान सुबह 10 बजे धामी गांव पहुंचे। इसके बाद मौके पर रेस्क्यू चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जवाहर सिंह का शव बरामद हो सका, जबकि विशना देवी की मलबे में तलाश जारी थी। धारचूला के उपजिलाधिकारी एके शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।
मूसलाधार बारिश से सोमवार सुबह बांसबगड़ घाटी के गूंठी गांव में पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। घर से कुछ दूरी पर पानी भरने जा रही जानकी देवी (37 वर्ष) पत्नी भूपाल सिंह की मलबे और बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई। प्रधान देवकी बिष्ट ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से जानकी देवी का शव मलबे से निकाला। इसके अलावा तल्ला भैंसकोट में पहाड़ी से दयाराम के मकान में भी मलबा और पत्थर गिरे। इससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के चार सदस्य बाल-बाल बच गए।
मूसलाधार बारिश के कारण उफान पर आई गोरी और भुजगड़ नदी सहित अन्य गाड़ गधेरों ने जमकर तबाही मचाई है। मुनस्यारी के नाचनी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बरागाड़ नदी उफान में आ गई। इससे बांसबगड़ में नदी किनारे के खेत, शौचालय और कई पेड़ नदी में समा गए। जगदीश सिंह के मकान को खतरा पैदा हो गया। नदी किनारे रह रहे सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। मौसम के मिजाज से मुनस्यारी, बंगापानी, तेजम तहसील क्षेत्रों के लोग सहमे हुए हैं।
छह माह पहले ही हुई थी जवाहर की शादी
नाचनी। धामीगांव में आपदा में जान गंवाने वाले जवाहर सिंह का विवाह छह माह पहले ही हुआ था। एक सप्ताह पहले उसकी गर्भवती पत्नी अपने मायके गई थी। मकान के जमींदोज होने से अपनी मां के साथ मलबे में दफन हुए जवाहर का विवाह फरवरी में तारा के साथ हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि तारा इस समय गर्भवती है और एक सप्ताह पूर्व ही वह अपने मायके कोटा पंद्रपाला गई थी। सूचना के बाद से उसका रो-रोकर बुरा हाल है। संवाद
धामीगांव के भ्यूंला में मलबे में दबे लोगों की तलाश करते एनडीआरएफ जवान।- फोटो : PITHORAGARH
धामीगांव के भ्यूंला तोक में मलबे में दबा मकान।- फोटो : PITHORAGARH