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खतरे में आए 12 लोगों के मकान

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बांसबगड़ में भूस्खलन से खतरे में आया जगदीश सिंह का मकान। - फोटो : PITHORAGARH
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नाचनी/मुनस्यारी। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सभी नदी-नाले उफना गए। उफनाई बरागाड़ नदी से बांसबगड़ के खेतभराड़ गांव के एक दर्जन मकान खतरे की जद में आ गए। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए सुबह सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करा दिया है। सोमवार शाम को बांसबगड़ पहुंचकर डीएम ने भी आपदा प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।
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सोमवार सुबह बांसबगड़ के खेतभराड़ में हरीश सिंह, कुंवर सिंह, हरीश टोलिया, अनूप टोलिया, रवि टोलिया, रामी टोलिया, जौनी टोलिया, मोती सिंह, गोकर्ण टोलिया, टीका राम, जगदीश प्रसाद और बलवंत राम के मकानों के आंगन तक नदी का पानी पहुंच गया। इससे अफरातफरी मच गई। नदी किनारे रहने वाले सभी परिवारों के सदस्य पुल में एकत्र हो गए। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस और तहसील प्रशासन ने सभी परिवारों को शिफ्ट कराया।
बारिश से नदी किनारे स्थित गोविंद बल्लभ का मकान भी खतरे में है। उपजाऊ जमीन भी नदी अपने साथ बहा ले गई। उफनती बरागाड़ खेतभराड़ निवासी अमृता देवी के मछली के दो तालाब और पांच सौ मुर्गियों का फार्म बहा ले गई। बरागाड़ के उफान में आने का कारण 300मीटर की दूरी पर खेताली और गागर पानी में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन का मलबा बरागाड़ में घुसने से पानी का स्तर तीन मीटर तक उठ गया। भूस्खलन से खेताली और गागर पानी के छह परिवारों, बीएम जोशी, हरीश चंद्र जोशी, हरीश उपाध्याय, उमेश राम, टीका राम और मालती देवी के मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। सोमवार शाम को जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने आपदा प्रभावित बांसबगड़ क्षेत्र में पहुंचकर खतरे में जद में आए भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर उनके लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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