पिथौरागढ़। नेपाल और चीन सीमा से लगे हिमालय के नजदीक बसे सीमांत जनपद की जमीन पर अब तक भू माफियाओं की नजर पड़ी है। यह यहां के लोगों के साथ ही प्रशासन के लिए राहत की बात है। अब तक हुई जांच में जिले में कहीं भी जमीन की अवैध खरीद फरोख्त का मामला सामने नहीं आया है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन ने शासन को भेज दी है।
7,110 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले सीमांत जनपद पिथौरागढ़ नेपाल और चीन के साथ ही बागेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा जिले की सीमाओं से सटा है। बीते दिनों शासन स्तर पर मिले निर्देश के बाद जिले में जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त की जांच हुई। राहत की बात है कि जिले की किसी भी तहसील में माफियाओं की नजर नहीं पड़ी है। अब तक जिले के किसी भी हिस्से में जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त नहीं हुई है और बाहरी लोग इस पर कब्जा नहीं कर सके हैं। प्रशासन ने मामले की जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी है। संवाद
कोट
जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त की जांच की गई। जिले में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। - डॉ. शिव कुमार बरनवाल, एडीएम, पिथौरागढ़।