जिला मुख्यालय के कुमौड़ गांव में आयोजित हिलजात्रा को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्य मैदान के साथ ही घरों की छतों से लोगों ने हिलजात्रा का आनंद उठाया। भगवान शिव के प्रमुख गण लखिया बाबा (वीरभद्र) के रौद्र रूप से दर्शक रोमांचित हो गए। अंत में लखिया बाबा ने शांत होकर दर्शकों को आशीर्वाद दिया।
कुमौड़ हिलजात्रा मैदान में दोपहर बाद से ही दर्शकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पुलिस को विण रोड पर यातायात सुचारु करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कोट के मंदिर में सुबह पंडित प्रशांत जोशी ने मुखौटों की पूजा-अर्चना कराई। मुख्य यजमान किरन महर ने पूजा की। इसके बाद सभी मंदिरों में पूजा हुई। शाम के समय दर्शकों से भरे मैदान में मुखौटा धारण कर गल्या बैल पहुंचा। उस पर नियंत्रण रखने में साथ चल रहे पात्र को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद बड़ी हौल, नेपाली हौल, बोड़िया हौल मैदान में पहुंची। साथ ही दही बेचने वाला, रोपाई लगाने वाली पुतारियां, नाई, सफाई वाला, मछुवारा, हिरन के पात्र एक-एक कर आते गए। सभी पात्रों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को काफी गुदगुदाया। अंत में कोलबाड़ा से लखिया बाबा के पात्र ने मैदान में प्रवेश किया।
लखिया ने मैदान के चक्कर लगाए और अपना रौद्र रूप दिखाया। करीब डेढ़ घंटे तक चली हिलजात्रा के अंत में लखिया बाबा पर महिला श्रद्धालुओं ने अक्षत और फूल चढ़ाए। इसके बाद लखिया ने अपना रौद्र रूप छोड़ दर्शकों को आशीर्वाद दिया। लखिया बाबा का किरदार निखिल महर ने, जबकि उसके आगे चलने वाले की भूमिका किरन महर ने निभाई। इस दौरान डीएम सी रविशंकर, एडीएम आरडी पालीवाल, सीओ शेखर सुयाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष त्रिलोक महर, पूर्व विधायक मयूूख महर, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, भाजयुमो जिलाध्यक्ष उमेश महर, यशवंत महर, प्रकाश जोशी, बीएस रावल, कुंडल महर, गजेंद्र महर, चंद्रशेखर महर, मोहन महर, अनूप महर, भूपेंद्र महर, चंदन महर, गोविंद महर, जानकी महर, गीता बिष्ट, कल्याण सिंह महर आदि थे। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैैनात रहा।
बाजार में पसरा सन्नाटा
पिथौरागढ़। हिलजात्रा के दौरान बाजार में पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा। दोपहर बाद अधिकतर लोगों के कुमौड़ पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। हिलजात्रा कमेटी के लोग भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटे रहे। इस दौरान कुमौड़ में दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी सजाई थी। बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। कुमौड़ में देर शाम तक खासी चहल-पहल रही।