शिक्षकविहीन जीआईसी कांडेकिरौली
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पिछले साल बोर्ड परीक्षा में सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले राजकीय इंटर कॉलेज कांडेकिरौली में शिक्षकों की कमी हो गई है। इस कारण इस बार के रिजल्ट को लेकर अभिभावक और विद्यालय का स्टाफ भारी चिंता में है। चार सौ की छात्रसंख्या वाले इस विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी लंबे समय से रिक्त है। चतुर्थ श्रेणी पद पर कार्यरत एकमात्र कर्मचारी अगले माह रिटायर हो रहे हैं। उसके बाद विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी भी नहीं होगा।
जीआईसी कांडेकिरौली में हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, इतिहास विषयों के प्रवक्ता नहीं हैं। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता इसी माह के अंत में रिटायर होने वाले हैं। एलटी स्तर पर हिंदी विषय के शिक्षक का पद रिक्त है। विद्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की कुर्सी खाली है। मानक के अनुसार विद्यालय में कम से कम पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन सिर्फ एक कर्मचारी से काम चलाया जा रहा है। वह भी इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। बताया गया कि विद्यालय में नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही एक साथ तीन शिक्षकों का स्थानांतरण हो गया है। अब विद्यालय में पठन पाठन की व्यवस्था संचालित करने की ही समस्या आ गई है। विद्यालय की इस अव्यवस्था को लेकर अभिभावकों में भारी गुस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई कि उग्र आंदोलन किया जाएगा।
खंड शिक्षा अधिकारी तरुण पंत ने बताया कि जीआईसी कांडेकिरौली में शिक्षकों की कमी है और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर पर शिक्षकों की तैनाती होती है तो कांडेकिरौली की समस्या सबसे पहले हल की जाएगी।