चंडाक रोड के किनारे लगाए गए मिट्टी के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
कुछ समय तक थमने के बाद एक बार फिर से चंडाक रोड के किनारे मिट्टी और मलबे के ढेर लगने लगे हैं। छह माह पहले भी इसी तरह रोड के किनारे मिट्टी के ढेर लगा दिए गए थे। तब पुनेड़ी गांव वालों ने विरोध-प्रदर्शन कर इसे रुकवा दिया था। बारिश के समय यह मलबा पुनेड़ी गांव तक पहुंच जाता है। इस कारण कई घरों को खतरा होने लगा है। एसडीएम एसके पांडे ने कहा कि अब रात के समय चेकिंग की जाएगी और सड़क के किनारे मिट्टी डालने वालों से जुर्माना वसूल किया जाएगा।
घंटाकरण से चंडाक जाने वाली रोड के किनारे केएमवीएन का पर्यटक आवासगृह, लोनिवि और वन विभाग के डाक बंगले हैं। रसोईगैस का गोदाम भी इसी इलाके में स्थित है। चंडाक रूट पर सुबह और शाम सैकड़ों लोग घूमने जाते हैं, लेकिन कुछ लोग गुपचुप तरीके से इस सड़क की दशा खराब करने में तुले हैं। मिट्टी और मलबा फेंकने से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। पिछले दिनों पुनेड़ी गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया और मिट्टी, मलबा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसके बाद कुछ समय तक सड़क के किनारे मिट्टी डालने का क्रम बंद हो गया था। अब नए सिरे से सड़क के किनारे मिट्टी के ढेर लगने लगे हैं। एसडीएम ने कहा कि घंटाकरण में लगे सीसीटीवी को चेक किया जाएगा। जो लोग रात में वाहनों से मिट्टी और मलबा ले जा रहे हैं उनकी पहचान की जाएगी। प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा।