नाचनी (पिथौरागढ़)। भैंसखाल और रसियाबगड़ के बीच बहने वाला खबरिया नाला दोनों गांवों की आबादी के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीण कई बार नाले को चैनलाइज और सुरक्षा तटबंध निर्माण की मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई कसार्रवाई नहीं की गई।
छह सितंबर 2019 में बादल फटने से खबरिया नाले में बाढ़ आ गई थी। इससे पूरा नाला मलबे से पट गया। सैलाब से रसियाबगड़ और भैंसखाल गांव की आबादी की ओर कटाव हो गया। तब बादल फटने से गांव के पंचायत भवन, सार्वजनिक शौचालय, कई रास्ते, सुरक्षा दीवारों आदि को नुकसान पहुंचा था।
नाले का मलबा नहीं हटाने से बरसात में प्रतिवर्ष दोनों गावों में भू-कटाव होता है। ग्रामीण नाले के भय से बरसात में रात भर जागते रहते हैं। रसियाबगड में बहने वाले बरसाती नाले के कटाव से महज तीन मीटर दूर बने पंचायत भवन के अलावा हरीश बिष्ट, गंगा सिंह, हीरा सिंह, जसवंत सिंह, खड़क सिंह, लछम सिंह, राजेश पांगती आदि के मकानों को भी खतरा बना है। सिंचाई विभाग दो वर्षों से चैनलाइज और सुरक्षा दीवारों के लिए आपदा मद में प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजने की बात करता है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के कटान से बचाव के लिए शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य किए जाने चाहिए।