कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर सामान के ढुलान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पड़ावों के लिए राशन और बिस्तर भेजने की तैयारी होने लगी है। निगम मई के अंत तक हर पड़ाव में सामान पहुंचा देगा। इसी के साथ यात्रियों का सामान ढोने वाले पोनी, पोर्ट्स का पंजीकरण भी होने लगेगा। पंजीकरण का काम आधार शिविर धारचूला में होगा।
केएमवीएन के पर्यटन महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि इस बार यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए गाला, बूंदी, सिर्खा, बूंदी और गुंजी में हट्स बनाए जा रहे हैं। गाला में चार हट्स बन गए हैं। अन्य स्थानों पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि वैसे तो निगम के पास इन पड़ावों में आवास की पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन यदि छोटा कैलास और कैलास मानसरोवर यात्री दल कभी एक साथ एक पड़ाव में आ गए तो आवास की दिक्कत से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा पर इस बार भी 18 दल जाएंगे। हर दल में अधिकतम 60 यात्री रहेंगे। यात्रा के रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यात्री धारचूला से नारायणआश्रम तक वाहनों से जाएंगे। वहां से पिछले वर्ष की तरह सिर्खा, गाला, बूंदी, गुंजी, नाभीढांग होते हुए लिपुलेख दर्रा पहुंचेंगे।
किसी भी पड़ाव को नुकसान नहीं
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस बार कम हिमपात होने के कारण किसी भी पड़ाव को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। केएमवीएन के पर्यटन महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने आईटीबीपी के कमांडेंट से हुई बातचीत के आधार पर बताया कि इस समय लिपुलेख में भी बहुत कम बर्फ है, यदि मई में हिमपात नहीं होगा तो इस बार यात्रियों को लिपुलेख में बर्फ के कारण कोई परेशानी नहीं होगी।
पड़ावों में मिलेंगे कुमाऊंनी व्यंजन
यात्रा पड़ावों में कैलास मानसरोवर यात्रियों को कुमाऊंनी व्यंजन इस बार भी परोसा जाएगा, जिन स्थानों पर लंच और डिनर के लिए यात्री रुकेंगे, वहां पर यात्रियों को भट, गहत से बने व्यंजन, रायता, पुदीने की चटनी आदि परोसी जाएगी। सबसे पहले बुरांश का जूस दिया जाएगा। श्री मर्तोलिया ने बताया कि ऊंचाई वाले पड़ावों में हल्का भोजन देने की व्यवस्था की जा रही है।