पिथौरागढ़ के उल्का देवी मंदिर में हवन यज्ञ करते आठवें दल के कैलाश यात्री
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मौसम खराब होने से रविवार को भी वायुसेवा के हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। आठवें दिन भी कैलाश यात्रियों को हवाई पट्टी से लौटना पड़ा। पिछले आठ दिनों से पिथौरागढ़ में फंसे कैलाश यात्रियों ने साफ मौसम की कामना करते हुए उल्का देवी मंदिर में हवन यज्ञ किया।
रविवार सुबह भी उड़ान की उम्मीद में आठवें दल के यात्री नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। इंतजार के बाद सभी यात्री केएमवीएन के गेस्ट हाउस लौट गए। पिछले आठ दिनों से फंसे यात्रियों ने इसके बाद उल्का देवी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और सोमवार को मौसम साफ होने की कामना के साथ हवन यज्ञ किया। इधर, नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी और यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि कैलाश यात्रियों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। 58 सदस्यीय आठवें दल में 14 महिला यात्री भी शामिल हैं।
डेरापुक पहुंचे सातवें दल के यात्री
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा का सातवां दल कैलाश परिक्रमा में है। सातवें दल के सदस्य रविवार को दार्चिन से डेरापुक पहुंच गए हैं। यात्रा पूरी कर लौटा पांचवां दल सात दिनों से जबकि छठा दल पांच दिनों से गुंजी में फंसा है। इन दोनों दलों में 113 यात्री हैं।
दिन भर घनघना रहा है कंट्रोल रूम का फोन
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। मौसम खराब होने से गुंजी में फंसे कैलाश मानसरोवर यात्रा के दो दलों के सदस्यों की परेशानी बढ़ती जा रही है। लौटने में हो रही देरी से यात्रियों के परिजन भी परेशान हैं। यात्रियों के परिजन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कंट्रोल रूम में लगातार फोन कर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं।