कैलास मानसरोवर की यात्रा की तैयारी को लेकर 12 अप्रैल को दिल्ली में बैठक होगी। बैठक में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर मौजूद रहेंगे। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक और महाप्रबंधक भी इस बैठक में शामिल होंगे। इस बार भी कैलास मानसरोवर यात्रा नाथुला दर्रे और लिपुलेख दर्रे से होकर चलेगी। दोनों स्थानों से पंजीकरण की एक साथ प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय अधिकारियों के पास पंजीकरण की संख्या उपलब्ध नहीं है, क्योंकि पंजीकरण विदेश मंत्रालय में ऑनलाइन होते हैं।
डीएम एचसी सेमवाल ने बताया कि 12 अप्रैल को यात्रा की तैयारी के लिए दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बैठक बुलाई है। इसी बैठक में यात्रा के संबंध में गाइडलाइन जारी होगी। जिला प्रशासन उसी के अनुसार तैयारी शुरू करेगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक पर्यटन त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि यात्रा के लिए नाथुला दर्रे और लिपुलेख दर्रे से एक साथ पंजीकरण हो रहे हैं। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कितने लोगों ने पंजीकरण किया है। उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे से होने वाली यात्रा में इस बार भी 18 दलों के जाने का कार्यक्रम है। हर दल में यदि अधिकतम 60 यात्री भी शामिल होंगे तो यह संख्या 1080 से ज्यादा नहीं होगी। वैसे हर दल में इतने यात्रियों का शामिल होना संभव नहीं है। पिछले वर्षों में भी हर दल में औसतन 50 यात्री तक शामिल हुए थे।
आईटीबीपी को दस दिन पहले मिलेगा रूट चार्ट
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान सुरक्षा और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने वाली आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी को यात्रा शुरू होने से दस दिन पहले रूट चार्ट मिलता है, जबकि हर दल में शामिल यात्रियों की संख्या आईटीबीपी को दो दिन पहले मिलती है। आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से नहीं वरन दल के हिसाब से ही तैयारियां की जाती हैं। कौन दल किस दिन आएगा उसी के हिसाब से तैयारी की जाती है। उन्होंने कहा कि यात्रा संचालन के लिए आईटीबीपी पूरी तरह तैयार है।