धारचूला (पिथौरागढ़)। तीन दिन लगातार हुई बारिश के कारण दारमा घाटी में दर गांव से दुग्तु तक सड़क पर कई जगह बोल्डर आने से सड़क बंद हो गई। इधर कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।
बालिंग निवासी दिनेश बंग्याल बताया कि सेला से नागलिंग और बालिंग के बीच युसंग और वरुंग नाले के पास की सड़क धंस गई है। ग्रामीणों ने सीपीडब्ल्यूडी को सड़क बंद होने की सूचना दे दी है। विभाग के एई कपिल कुमार ने बताया मौसम साफ होने के बाद दर और सेला के बीच बंद सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया है। दारमा घाटी के अंतिम गांव जो सड़क से वंचित मारछा और सीपू काफी बर्फबारी हुई है। जयेंद्र फिरमाल और दिनेश चलाल, गोविंद बौनाल ने लोनिवि से बर्फ हटाने की मांग की है। इधर व्यास घाटी में बीआरओ ने शनिवार को मौसम साफ होने के बाद तवाघाट से मालपा के बीच बंद सड़क को खोलने का कार्य शुरू दिया है। चीन सीमा में गुंजी से कालापानी और गुंजी से कुटी सड़क में बर्फबारी से मलबा और बोल्डर आने से बंद सड़क को भी खोलने का कार्य बीआरओ ने शुरू कर दिया है।
जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर खतरे की जद में आया बेली ब्रिज
मुनस्यारी। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क मार्ग में बीआरओ की ओर से बनाया गया बेली ब्रिज के अबटमेंट की दीवार गिरने से पुल खतरे में आ गया है। वर्ष 2020 की आपदा में यहां पर पुल बह गया था। इसके बाद बीआरओ ने यहां पर नया बेली ब्रिज बनाने का कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बीआरओ पर घटिया सामग्री प्रयोग करने का लगाया है। उनका कहना है कि दीवार निर्माण में रेत की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में बीआरओ के अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। (संवाद)