पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क चुपकोट बैंड के पास 18 घंटे बाद खुल पाई। सड़क के बंद होने के कारण शुक्रवार की देर रात कोरोना मरीज को हायर सेंटर पिथौरागढ़ लेकर आ रही 108 एंबुलेंस, शवदाह के लिए जा रहे चार से अधिक वाहन और सैकड़ों यात्री वाहन और मालवाहक वाहन सड़क पर फंसे रहे। सड़क के बंद होने से जिला मुख्यालय में दूध, सब्जी, रसोई गैस और ईंधन के वाहन नहीं पहुंच पाए। लोगों ने हर बारिश में बंद हो रही बारहमासी सड़क को ठीक करने की मांग की है।
टनकपुर-तवाघाट एनएच में चुपकोट बैंड के पास भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गई। सड़क बंद होने के कारण तीन सौ से ज्यादा छोटे बड़े वाहन फंस गए। इधर भारतोली के पास सड़क के बंद होने से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को आने वाले वाहन हल्द्वानी- अल्मोड़ा सड़क से सीमांत जनपद को आ रहे हैं, लेकिन चुपकोट के पास सड़क बंद होने के कारण वह पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाए। सड़क के 18 घंटे बंद होने के कारण सैकड़ों लोग भूखे प्यासे फंसे रहे। सर्वाधिक दिक्कतें बुजुर्गों और बच्चों को हुई। सड़क के बंद होने से जिला मुख्यालय को रसोई गैस, दूध, सब्जी के वाहन समय से नहीं पहुंच पाए। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हुई। लोगों ने हर रोज बंद हो रही बारहमासी सड़क ठीक करने की मांग की है।
चुपकोट के पास सड़क बंद होने से कोरोना मरीज फंसा
पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क में मलबा आने के कारण चुपकोट में सड़क बंद हो गई। इसमें बेड़ीनाग से पिथौरागढ़ रेफर कोरोना मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस मलबा आने से घंटों फंसी रही। कोरोना मरीज की स्थिति को देखते हुए 108 कर्मियों ने जिला मुख्यालय से दूसरी एंबुलेंस बुलाकर मरीज को पहाड़ी से गिरते बोल्डर के बीच स्टेचर से बांधकर कीचड़ और मलबे से गुजरते दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कराया। इसी दौरान हल्द्वानी से कनालीछीना को आ रही एक कार के आगे अचानक मलबा आने से वाहन में सवार इंद्र देव पांडे(60) बेहोश हो गए। कई देर तक उनको होश न आने के कारण 108 कर्मियों ने दूसरी एंबुलेंस मंगाकर उनको स्टेचर के सहारे एंबुलेंस में शिफ्ट कराकर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया। 108 जिला प्रभारी परमानंद पंत के नेतृत्व में गणेश भट्ट, भावेश भट्ट, कृष्णा धामी ने मरीजों को गिरते मलबे और बारिश के बीच साहस का परिचय देते हुए दोनों मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। दोनों मरीजों की स्थिति ठीक बताई जा रही है।(संवाद)
शवदाह को जा रहे चार से अधिक वाहन फंसे
पिथौरागढ़। घाट शवदाह को जा रहे चार से अधिक वाहन फंसे रहे। इससे शवदाह को जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क के बंद होने के बाद रोगियों को अस्पताल पहुंचाकर पिथौरागढ़ मुख्यालय आ रहे वाहन भी फंसे रहे। लोगों ने बारहमासी में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की स्थिति को ठीक करने की मांग की है।(संवाद)
बोले लोग-
पिथौरागढ़ से हल्द्वानी को जा रहे थे। सड़क के बंद होने से रोडवेज में सवार यात्री सुबह पांच बजे से फंसे रहे। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किशन नेगी, रोडवेज परिचालक पिथौरागढ़।
किसी जरूरी काम से घर कोलकाता जा रहा था। सुबह पांच बजे से फंसा हुआ हूं। सुबह नाश्ता भी नहीं किया। पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पाया।
मुसिया रहमान, यात्री।
सुबह से सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कार्यदायी संस्थाएं सड़क को तेजी से खोलने का कार्य कर रही हैं। सड़क बंद होने से सैकड़ों यात्रियों को दिक्कत हुई।
- दीपक, यात्री