कैलाश मानसरोवर मार्ग भारी बोल्डर और मलबा आने से तवाघाट के पास बंद हो गया। सड़क बंद होने से धारचूला से बूंदी जा रहे 17 वें दल के यात्रियों को पांगला में रोका गया है। मलबा आने से जिले की 10 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार रात हुई भारी बारिश से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर व्रतीघाट के पास बोल्डर और मलबा गिर गया। मार्ग बंद होने से शनिवार को यातायात पूरी तरह से ठप रहा। शनिवार की सुबह धारचूला से बूंदी को रवाना हुए 17वें कैलाश मानसरोवर यात्रा दल के 56 यात्री एक घंटे तक रास्ते में फंसे रहे। ग्रिफ द्वारा मलबा हटाने के बाद यात्री आगे बढ़े तो गर्बाधार में बोल्डर और मलबा आने से आगे नहीं बढ़ सके। मार्ग बंद होने से यात्रियों को पांगला में रोक दिया गया। यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि दल को रविवार को बूंदी के लिए रवाना किया जाएगा।
इधर सीमांत में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ियों के लगातार दरकने का सिलसिला जारी है। बोल्डर और मलबा आने से धारचूला-तवाघाट एनएच के अलावा नौ अन्य सड़कें भी बंद हैं। इनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को रोजमर्रा का सामान लेने में परेशानी हो रही है। हरकोट का आलू बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है।
मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर यातायात 21 अगस्त तक बंद
मुनस्यारी। मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर दरकोट के पास चट्टान में दरार आने के कारण बीआरओ ने एहतियातन 21 अगस्त तक सड़क को बंद कर दिया है। कभी भी उक्त चट्टान के दरकने की आशंका जताई जा रही है। बीआरओ के ओसी लल्लन कुमार ने बताया कि मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर धापा बैंड के पास कटिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते यातायात जारी रखने में कार्य में बाधा पैदा हो रही है। इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी मुनस्यारी को भी दी है। उन्होंने मुनस्यारी से मदकोट, जौलजीबी जाने वाले यात्रियों से मुनस्यारी-घोरपट्टा-बर्निया गांव, चेतिचिमला मार्ग से आवागमन करने का अनुरोध किया है।
जिले की इन सड़कों पर यातायात बंद है
तवाघाट-सोबला, सोसा-सिर्खा, छिरकिला-जम्कू, बंगापानी-जाराजिबली, मुनस्यारी-चौना-हरकोट, मदकोट-फाफा जौलढुंगा, दरकोट-नमजला, पौड़ी-घटकूना, खितोली-ग्वीर, टिम्टा-बुंगली।
मलबा आने से बंद हुआ चंपावत-टनकपुर एनएच
पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से बना हुआ है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर इन दिनों जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। पहाड़ी दरकने से यात्रियों के लिए इन दिनों मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो गया है। शनिवार को चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग अलग अलग स्थानों आठ बार बंद हो गया।
बारहमासी सडक़ में इन दिनों धौन से चल्थी के बीच में कई जगह पहाड़ी दरक रही हैं। सड़क पर मलबा गिरने के बाद घंटों तक जाम लग रहा है। यात्रियों को इन दिनों जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। सडक़ में कीचड़ होने से दोपहिया वाहनों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। चंपावत रोडवेज बस स्टेशन में जाम में फंसी बसों का जमावड़ा लगा रहा।
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बाल-बाल बचे सीएमओ व डीडीएमओ
चंपावत। जिला प्रशासन की ओर से टनकपुर गांधी मैदान में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में शामिल होने जा रहे सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय बाल बाल बच गए। शिविर के लिए सुबह छह बजे अधिकारी टनकपुर के लिए चंपावत से निकलने थे। रास्ते में जगह-जगह मलबा और पत्थर गिर रहे थे। स्वांला पहुंचने पर सीएमओ के वाहन में पीछे की तरफ एक पत्थर लगा। वाहन चालक ने वाहन को न रोकते हुए आगे बढ़ा दिया। अगर वाहन वहीं रोक देते तो बड़ी घटना घट सकती थी। वहीं स्वांला से आगे आने पर आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के वाहन में भी एक पत्थर उनके शीशे में लगा। जिससे शीशे में दरार हो गई। उन्होंने भी वाहन को तुरंत उस जोन से बाहर निकाला। ब्यूरो