पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा 2016 की प्रशासन ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन इस यात्रा में समन्वय का काम करता है। मुख्य काम कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी निभाती है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और संचार के लिए पुलिस की व्यवस्था रहती है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने कहा कि यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं की समीक्षा, यात्री दलों के आने के शेड्यूल के लिए इस माह के अंत या जून प्रथम सप्ताह में बैठक होगी। उसी बैठक में यात्रा मार्ग की स्थिति, पड़ावों में सामान पहुंचने, पोनी, पोर्टर्स के पंजीकरण के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। डीएम ने कहा कि यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय महत्व की है और इसमें देश के विभिन्न राज्यों से यात्री आते हैं।
डीएम ने कहा कि अब तक केएमवीएन और आईटीबीपी ने प्रारंभिक तैयारियां कर दी हैं। रास्ते की स्थिति का जायजा लेने के लिए लोनिवि की एक टीम पहले ही मार्ग का दौरा कर चुकी है। आधार शिविर में तमाम व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जल संस्थान, विद्युत विभाग और लोनिवि को यात्रा शुरू होने से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है।
पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रियों के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत के आने का कार्यक्रम बन सकता है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने बताया कि पहला दल 12 जून को धारचूला पहुंचेगा और 13 जून की सुबह नारायणआश्रम होते हुए प्रथम पड़ाव को रवाना होगा। प्रथम दल को हरी झंडी दिखाने के लिए सीएम से आग्रह किया जाएगा।
पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रियों के लोकेशन की जानकारी लेने के लिए जिला प्रशासन भी अपना नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगा। यात्रा के दौरान आईटीबीपी भी कंट्रोल रूम की स्थापना करती है। आधार शिविर धारचूला में केएमवीएन का नियंत्रण कक्ष स्थापित होता है। डीएम ने बताया कि यात्रा दलों की जानकारी एकत्र करने के लिए यह नियंत्रण कक्ष स्थापित होगा।