तहसील मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर पांगला में सोमवार रात हुए भारी भूस्खलन से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित पांगला नाले के पुल पर कई टन मलबा पट गया है। इस मार्ग पर आवाजाही सोमवार रात से ही बंद है। मलबे से पुल को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। साथ ही भूस्खलन होने से पांगला गांव के आठ परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। पूरे इलाके में लोग भयभीत हैं। पुल पर मलबा पटने से कई वाहन फंस गए हैं।
बताया गया कि क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से कई स्थानों पर भूकटाव हो रहा है। पांगला में हुए भूस्खलन की जानकारी देते हुए प्रधान देवकी देवी ने बताया कि जिस स्थान पर भूकटाव हुआ है उसके पास ही मंदिर और आठ परिवार रहते हैं। तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर पांगला नाले में बने पुल को भी खतरा हो गया है। इन दिनों नारायणआश्रम मार्ग बंद होने से कैलास यात्रियों को इसी रास्ते लाया ले जाया जा रहा था। अब पुल से आवाजाही बंद हो गई है और आने वाले कैलास यात्री दलों के सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
प्रधान ने बताया कि पांगला के सुरेंद्र सिंह पुत्र दौलत सिंह, प्रेम सिंह पुत्र हर सिंह, शंकर सिंह पुत्र मदन सिंह, भवान सिंह पुत्र धन सिंह, नर सिंह पुत्र धन सिंह, दलीप सिंह पुत्र देव सिंह, जय सिंह पुत्र मोहन सिंह और कल्याण सिंह पुत्र हीरा सिंह के आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। समय रहते उचित बचाव कार्य नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रभावितों को तत्काल दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की। कहा कि पुल बंद होने से पूरे इलाके में सामान नहीं पहुंच पा रहा है और लोगों की मुसीबत बढ़ने लगी है। एसडीएम एसके पांडे के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक नंदलाल के नेतृत्व में टीम मौके को रवाना हो गई है।