झूलाघाट/धारचूला (पिथौरागढ़)। चार दिन बाद भारत-नेपाल के बीच स्थित सीमा पुल मंगलवार सुबह आवाजाही के लिए खुला। हालांकि झूलाघाट सहित धारचूला, बलुवाकोट व अन्य कस्बों में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम लोग पहुंचे। हालांकि खरीदारों के पहुंचने से तीन दिन बाद भारतीय बाजारों की सुनसानी दूर हुई।
विधानसभा चुनाव के कारण भारत-नेपाल सीमा के झूलापुल 11 फरवरी को सुबह आठ बजे से बंद कर दिए गए थे। पुल बंद होने के कारण सीमावर्ती झूलाघाट, धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी बाजारों में सुनसानी छाई रही।
क ाली नदी के किनारे स्थित यह बाजार भारत के साथ ही नेपाल से आने वाले ग्राहकों पर भी निर्भर हैं। चुनाव संपन्न के बाद 15 फरवरी को सुबह साढ़े सात बजे सीमा पुल खोले गए।
पुल पर नेपाल से आने वालों की गहन चेकिंग की गई। झूलाघाट के एएसआई नरवीर समता ने बताया मंगलवार को नेपाल से कम लोग भारत आए। धारचूला में पुल खुलने के बाद खरीदारी सहित अन्य कार्यों से बड़ी संख्या में नेपाल के दार्चुला से लोग धारचूला बाजार पहुंचे।
पुल बंद होने से रिश्तेदारी भी रहती है प्रभावित
धारचूला। भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता होने से सीमावर्ती परिवार एक-दूसरे देशों में शादी-ब्याह करते हैं। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। झूलापुल बंद होने के कारण किसी तरह का कामकाज होने पर ये परिवार एक-दूजे के यहां नहीं जा पाते हैं। इस बार भी चुनाव के मद्देनजर 72 घंटे तक पुल बंद होने से लोगों को परेशानी हुई। सहालग के मौसम में पुल बंद होने के कारण कई परिवारों को विवाह की तिथियां तक बदलनी पड़ीं।
भारत नेपाल सीमा खुलने से बनबसा बाजार की रौनक लौटी
बनबसा/टनकपुर। मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सोमवार देर शाम भारत-नेपाल सीमा को खोल दिया गया। इसके बाद बनबसा और टनकपुर से लगी सीमा पर आवाजाही पूर्व की तरह सुचारु हो गई। इससे बनबसा और टनकपुर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे सीमा खुलने के बाद नेपाल से दो मैत्री बसें भारत आईं। व्यापार मंडल महामंत्री अभिषेक गोयल और भरत भंडारी ने बताया कि नेपाली ग्राहकों के आने से बाजार में रौनक देखी गई।