जौलजीबी मेले में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम मची रही। लोक गायक गजेंद्र राणा ने दर्शकों का मूड पहचानकर जब बबली तेरो मोबाइल, वा भै तेरी स्माइल गीत प्रस्तुत किया तो लोग अपनी सीटों पर झूमने लगे। उन्होंने कई अन्य गीत भी पेश किए।
गजेंद्र राणा को विशेष रूप से मेले में आमंत्रित किया गया था। बाद में पिथौरागढ़ की कला संगीत विकास समिति के चंचल रावत ने हिट हो भिना, जौलजीबी का म्याला गीत पेश किया। कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक अपनी सीटों से हिल नहीं पाए। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
रात के कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर थे। इनका मेलाधिकारी पारितोष वर्मा ने स्वागत किया। व्यापारी नेता दौलत पाल ने सीओ हिमांशु साह और तहसीलदार आईबी मल का स्वागत किया।
आज संक्रांति के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने काली और गोरी के संगम पर स्नान किया। बाद में लोगों ने ज्वालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। नेपाल से लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
झूलापुल बन जाने से इस बार आवागमन आसानी से हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण बिष्ट, शंकर भट्ट और करन थापा ने किया। यह तीनों मेला शुरू होने के दिन से कार्यक्रम संचालन कर रहे हैं।
जौलजीबी मेले में आयोजित बेबीशो में शून्य से एक वर्ष तक के वर्ग में कार्तिक ने पहला, महक ने दूसरा, आयशा ने तीसरा, एक से दो वर्ष के वर्ग में अबी बुर्फाल ने पहला, आरोही चलाल ने दूसरा, शगुन ने तीसरा, तीन से पांच वर्ष के वर्ग में सुजाता चलाल ने पहला, हिमांगी नबियाल ने दूसरा, हंसिका ने तीसरा स्थान बनाया। निर्णायक राधिका ह्यांकी, चंद्रप्रभा रायपा और भागी कुटियाल थे। बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को बेबीशो में लाए थे।
उभरते गायक पवनदीप राजन 19 नवंबर की रात जौलजीबी मेले में कार्यक्रम पेश करेंगे। पवनदीप के आने की सूचना से लोगों में भारी उत्साह है। मेला समिति की ओर से उनका स्वागत किया जाएगा। पवनदीप को सुनने के लिए नेपाल से भी भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।