महाकाली और गोरी नदी के संगम पर बसे जौलजीबी के लोग रविवार को पानी के लिए तरस गए। लोगों ने जल संस्थान पर मुख्य टैंक से पानी नहीं खोलने का आरोप लगाया है। जौलजीबी में पानी की सप्लाई लगातार होती है, इसलिए लोग पानी का संग्रह भी नहीं करते। लोगों के पास रविवार को नहाने तक के लिए पानी नहीं था।
हिमालय से निकलने वाली सदावाहिनी गोरी और महाकाली नदियों से घिरे जौलजीबी कस्बे के 400 परिवारों के लिए रविवार का दिन बेहद मुश्किल भरा रहा। वजह सुबह से ही नलों में पानी नहीं आना रहा। लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों से संपर्क किया तो लाइन में खराबी बताई जाने लगी, जबकि दूतीबगड़ की प्रधान कमला चंद ने बताया कि पेयजल योजना का मुख्य टैंक पानी से भरा है, लेकिन पानी बांटने के लिए कोई भी कर्मचारी जल संस्थान का मौजूद नहीं है।
तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता लीला बनग्याल ने एसडीएम संतोष कुमार को फोन कर उनके सामने जल संकट का मामला रखा। एसडीएम ने जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति करने के आदेश दिए। बनग्याल ने बताया कि एसडीएम के आदेश के बाद जल संस्थान के अधिकारी पानी की सप्लाई करने की बात कहने लगे, लेकिन शाम तक पानी नहीं मिला। कहा कि जल संस्थान की लापरवाही जिलाधिकारी के सामने रखी जाएगी।