जाखपुरान क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में रसोईगैस के लिए हाहाकार मच गया है। दो माह से रसोईगैस का वितरण न होने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिनको आनलाइन बुकिंग किए हुए ढाई महीने से अधिक हो गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस एजेंसी के अधिकारियों से बार बार आग्रह किया जा रहा है लेकिन हमेशा झूठा आश्वासन मिल रहा है।
जाखपुरान क्षेत्र के जाख, पुरान, बुंगा, मेलडुंगरी, रावलगांव, बालाकोट, थरकोट, मासू, चमाली समेत अन्य गांवों में लोग ईंधन के लिए लकड़ी का उपयोग करने को मजबूर हैं। सैकड़ों परिवार गंभीर संकट की स्थिति में आ गए हैं। लोगों ने बताया कि पहली बार रसोईगैस की ऐसी किल्लत झेलनी पड़ी है। जाखपुरान के समाजसेवी शिव सिंह सुगड़ा का कहना है कि तीन दिन के भीतर रसोईगैस की सप्लाई नहीं हुई तो पूरे इलाके के लोग खाली गैस सिलेंडर लेकर जिला मुख्यालय पहुंच जाएंगे। इधर, जिला मुख्यालय में भी किल्लत दूर होने का नाम नहीं ले रही है। यहां पर खपत के हिसाब से रसोईगैस के सिलेंडर नहीं आ पा रहे हैं। प्लांट से ही यह समस्या बनी हुई है। गैस एजेंसी के प्रबंधक डीके जोशी का कहना है कि समस्या को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।