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जै हो कुमाऊं, जै हो गढ़वाला...

Wed, 21 Feb 2018 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ वसंतोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते स्कूली बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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सोर घाटी सीमांत वसंतोत्सव के रस में सराबोर है। सीमांत वसंतोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में लोग रात 11 बजे तक विभिन्न प्रस्तुतियों में झूमते रहे। सूचना एवं संस्कृति विभागों के सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही।

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सांस्कृतिक संध्या में नवोदय पर्वतीय कला केंद्र, आंचल कला केंद्र, दारमा सांस्कृतिक दल, चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी, जागृति कला मंच के कलाकारों से एक से बढ़कर एक कई कुमाऊंनी और गढ़वाली लोकगीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। पर्वतीय कला केंद्र के कलाकारों ने समूह में जै जै जै जै माता देवी कनार... प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय कर दिया, जबकि दर्पण कला मंच के भूपेंद्र बिष्ट की जै हो कुमाऊं, जै हो गढ़वाला... प्रस्तुति ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता का अहसास कराया। सांस्कृतिक दलों ने बारी-बारी से झोड़ा, चांचरी, छबेली लोकनृत्य पेश किए। लोकगायक प्रहलाद मेहरा एंड पार्टी के कुमाऊंनी गीतों ने लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।

विद्यालयी सांस्कृतिक दलों में अक्षय भारती, निखिलेश्वर, हिमालयन, विस्डम, तपोवन, एनको, दयानंद विद्यामंदिर, विवेकानंद, एशियन एकेडमी, एसडीएस विद्यालय के छात्रों ने कई सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों पर प्रस्तुति दी। इस दौरान आयोजन समिति के दीवान सिंह कोरंगा, ललित शौर्य, महेश उपाध्याय, जनार्दन उप्रेती, गोविंद बिष्ट, केदार जोशी, महेंद्र लुंठी आदि थे।
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बुजुर्गों को रामचरित मानस बांटी 
सीमांत वसंतोत्सव में तीसरे दिन बुधवार को मातृ-पितृ पूजन के साथ आयोजन की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में 70 से अधिक बुजुर्गों को रामचरित मानस पुस्तक भेंट की गई। इस कार्यक्रम के जरिये बुजुर्गों के सम्मान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सुशील कोटनाला ने परिवार में बुजुर्गों की जरूरत और अहमियत बताई। विशिष्ट अतिथि डॉ. नवदीप जोशी ने बुजुर्गों को परिवार की रीढ़ बताया। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी से परिवार के बुजुर्गों के सम्मान की अपील की। इधर, रामलीला मैदान में तीसरे दिन भी राम कथा जारी रही। आचार्य सतीश वशिष्ठ, लालचंद व्यास ने कथा पाठ किया। इस दौरान तुषारनंद महाराज, पुष्कर जोशी, कैलाश थपलियाल, राकेश देवलाल, ललित पंत, गिरीश जोशी, वीरेंद्र वल्दिया आदि थे।

विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया
सीमांत वसंतोत्सव में तीसरे दिन भी चित्रकला, ऐंपण, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके साथ ही विजेता प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। चित्रकला प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में नेहा बिष्ट प्रथम, गुलफिजा द्वितीय, यश रावत तृतीय स्थान पर रहे, जबकि सब जूनियर वर्ग में जूलिया पहले, नितिन दूसरे, राहुल तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर वर्ग में प्रदीप टम्टा पहले, कार्तिक भट्ट दूसरे, दक्ष तिवारी तीसरे, ऐंपण प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में दीक्षा पंत पहले, मिताली नेगी दूसरे, मिताली गुप्ता तीसरे, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में प्रियंका पहले, एंजल दूसरे, लावण्या तीसरे, जूनियर वर्ग में पुष्पेश पहले, तमन्ना दूसरे, कोमल तीसरे स्थान पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक ने योग के गुर बताए
सीमांत वसंतोत्सव के तीसरे दिन भी योग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक डॉ. हेमंत जोशी ने प्रतिभागियों को योग-आसनों के गुर बताए। खेल मैदान में सैकड़ों लोगों ने योगाभ्यास किया। इसके साथ ही एक्यूप्रेशर के माध्यम से मोटापा, सांस रोग, मधुमेह से बचाव और रोग निदान के तरीके भी बताए गए। इस दौरान योग प्रशिक्षक डॉ. नवदीप जोशी, लीलाधर पांडे, नवजीत जोशी, बबीता जोशी आदि थे।
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आज के कार्यक्रम
मातृ शक्ति सम्मेलन सुबह 11 बजे से
व्यंजन प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से
महिला कुर्सी दौड़ दोपहर 2 बजे से
एकल गायन-नृत्य अपरान्ह 3 बजे से
भारत भक्ति नाइट शाम 6 बजे से
आमंत्रित सांस्कृतिक दल रात 9 बजे से

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