संवाद न्यूज एजेंसी
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पहाड़ों पर सड़क, स्वास्थ्य और संचार सुविधा कितनी जरूरी है, यह मुनस्यारी विकासखंड में चीन सीमा से सटे पातों गांव के लोगों से बेहतर और कौन समझ सकता है, जिन्हें सड़क न होने की वजह से गांव के एक बीमार व्यक्ति को डोली में 42 किमी पैदल दूर मुनस्यारी अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। उन्हें पातों से चले दो दिन हो गए हैं लेकिन खराब मौसम के कारण वे शनिवार शाम तक मुनस्यारी नहीं पहुंच सके। संचार सुविधा नहीं होने से प्रशासन के अधिकारी भी ग्रामीणों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
पातों गांव निवासी 32 वर्षीय नरेंद्र सिंह ढकरियाल की कुछ दिन से तबीयत खराब है। गांव में अस्पताल न होने के कारण ग्रामीणों ने पहले उनका घरेलू उपचार किया। दो दिन पूर्व उनका बुखार बढ़ने लगा। पेट दर्द और सर्दी-जुकाम की शिकायत हुई तो ग्रामीण घबरा गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद शुक्रवार की सुबह ग्रामीण मरीज को डोली में बैठाकर मुनस्यारी अस्पताल के लिए रवाना हुए। इसका पता जब एसडीएम अभय प्रताप सिंह को चला तो उन्होंने पातों गांव के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण बीमार को मुनस्यारी अस्पताल तक नहीं ला पाए थे। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार मौसम खराब होने और संचार सेवा न होने से ग्रामीणों और मुनस्यारी से भेजी गई टीम से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
इनसेट कोट-
पातों गांव में बीमार व्यक्ति की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा गया है। मौसम खराब होने के कारण उनको अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। टीम से संपर्क नहीं हो पा रहा है। देर रात तक टीम के मुनस्यारी पहुंचने की उम्मीद है। - अभय प्रताप सिंह, एसडीएम मुनस्यारी।
पूर्व में भी कई लोगों को ऐसे ही पहुंचाया अस्पताल
मुनस्यारी। चीन सीमा से सटे पातों गांव तक सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीण गर्भवती और बीमार लोगों को डोली से ही अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके सड़क निर्माण को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। (संवाद)