गंगा निवास से रई को निकलने बाला आंतरिक रास्ता । संवाद
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के अधिकांश पैदल मार्ग बदहाल हैं। कहीं नालियों के चैंबर टूटे हैं तो कहीं रास्तों के बीच इतने नल हैं कि लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। इन बदहाल रास्तों में कई बार लोग चोटिल चुके हैं।
पिथौरागढ़ नगरपालिका में 20 वार्ड हैं। पालिका परिषद करोड़ों की लागत से हर साल रास्तों का निर्माण और मरम्मत का कार्य करती रहती है। बावजूद इसके कई मोहल्लों में रास्तों की हालत काफी दयनीय है। पांडेगांव से जीजीआईसी, खड़कोट को निकलने वाला रास्ता इतना बदहाल है कि यहां से लोगों को गुजरना ही मुश्किल हो जाता है। जीजीआईसी और सेरा, खड़कोट से महाविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रास्ते में पेयजल संयोजनों का जाल भी फैला है। लिंक रोड से विकास भवन, सोरवैली, दयानंद स्कूल आदि जगहों को जाने वाला मार्ग भी कई जगह पर टूटा है। यहां भी हादसे होने की संभावना बनी हुई है। कई मोहल्लों में नालियां जाम होने से बरसात का पानी रास्तों पर बह रहा है। जीजीआईसी, घंटाकरण होते हुए बारिश का पानी तहसील के पास से चिमस्यानौला की ओर जा रहा है। कई मोहल्लों में पथ प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है। लोगों ने पालिका प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने की मांग की है।
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रास्ते और सड़क पर गिरता है छतों का पानी
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में लोगों ने मकान तो बना दिए लेकिन उन्होंने अपने घरों की जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। मुख्य बाजार सहित पूरे नगर क्षेत्र में कई जगहों पर लोगों ने बरसाती पानी को सीधे सड़क और रास्तों पर छोड़ रखा है। ऊंचाई से रास्तों या सड़कों पर बरसाती पानी गिरने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पालिका ने ऐसे लोगों पर कभी कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई जाती है। संवाद