ठंड बढ़ने के साथ कम होने लगा महाकाली का जलस्तर
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भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली महाकाली का जलस्तर अब कम होने लगा है। इसके साथ ही तस्करों की घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एसएसबी के साथ मिलकर नदी के किनारे सघन चेकिंग अभियान चलाने का फैसला लिया है। महाकाली का जलस्तर अब मार्च तक कम होता रहेगा। नेपाल की तरफ से अपराधी और तस्कर नदी में रबर की ट्यूब डालकर या फिर नदी को तैरकर भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास करते रहते हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने बताया कि अक्तूबर से महाकाली का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है और नदी में पानी कम होने का फायदा अपराधी उठाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा पर स्थित सभी थानों को एसएसबी से तालमेल बनाने के लिए कह दिया गया है। एसएसबी की गश्त नेपाल सीमा पर रात-दिन रहती है। अब पुलिस भी अपने स्तर से गश्त के दौरान मदद करेगी।
बीच-बीच में पुलिस, वन विभाग और एसएसबी की टीम संयुक्त रूप से कांबिंग भी करेगी। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर कम रहने तक नेपाल सीमा पर निगरानी सख्त की जाएगी। नेपाल सीमा पर झूलाघाट, जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला और पांगला में पुलिस थाने हैं।
नेपाल से चरस और जड़ीबूटी तस्करी की आशंका
नेपाल ने चरस और जड़ीबूटी की तस्करी की आशंका ज्यादा रहती है। नेपाल में इस समय भांग की खेती तैयार हो जाती है। भांग से तैयार होने वाले चरस को नेपाल के तस्कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा बहुमूल्य जड़ीबूटी और खालों की तस्करी भी महाकाली के अवैध रास्तों से होती है। पुलिस और एसएसबी सबसे पहले इस तरह के तस्करों पर नजर रखने की योजना बना रही है।