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पिथौरागढ़-गंगोलीहाट मार्ग पर अब नहीं चलती कालिका मेल

Tue, 24 Oct 2017 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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अब पिथौरागढ़ जिले के कस्बों को नहीं चलती रोडवेज की बसें - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड परिवहन निगम का पिथौरागढ़ डिपो जिले के आंतरिक मार्गों पर बसों का संचालन करने का कतई इच्छुक नहीं है। 27 साल के भीतर जिले के आंतरिक मार्गों पर चलने वाली आठ बस सेवाएं बंद हो चुकी हैं। लोग आंतरिक मार्गों पर बसों का संचालन कराने की मांग लगातार कर रहे हैं, लेकिन इसका विभाग पर कोई असर नहीं हो रहा है। मजबूरी में लोगों को टैक्सी वाहनों पर सफर करना पड़ता है।
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70 के दशक से पिथौरागढ़-गंगोलीहाट मार्ग पर लौटा-फेरी करने वाली कालिका मेल के नाम से जाने जानी वाली बस सेवा वर्ष 1990 से बंद है। यह बस गंगोलीहाट से सुबह पिथौरागढ़ के लिए आती थी और शाम को गंगोेलीहाट लौटती थी। उस दौर में गंगोलीहाट मार्ग पर चलने वाली यह अकेली बस सेवा हुआ करती थी। गंगोलीहाट के निगल्टी (चहज) निवासी गंभीर सिंह और हाट निवासी स्वर्गीय कल्याण सिंह कालिका मेल के चालक हुआ करते थे। लोगों की जुबान पर कालिका मेल का ही नाम होता था। इस बस सेवा को फिर से शुरू कराने के लिए गंगोलीहाट के लोगों ने कई बार प्रयास किए, लेकिन डिपो के अधिकारियों ने यह मांग अनसुनी कर दी।

इसके अलावा गंगोलीहाट होते हुए पिथौरागढ़-ग्वालदम बस सेवा चलती थी। 1992-93 में यह बस सेवा भी बंद कर दी गई। पिथौरागढ़ से लोकल में गुरना के लिए बस सेवा का संचालन होता था, यह बस सेवा भी बंद कर दी गई। तीन महीने से पिथौरागढ़-मदकोट बस सेवा बंद पड़ी है। पिथौरागढ़-पाखूं, पिथौरागढ़-थल, पिथौरागढ़-मड़मानले, पिथौरागढ़-बांस बस सेवा भी परिवहन विभाग ने बंद कर दी। आंतरिक मार्गों पर बस सेवाएं बंद होने से जिले की सारी परिवहन व्यवस्था टैक्सियों के सहारे चल रही है। रोडवेज के अधिकारी आंतरिक मार्गों पर बसों का संचालन करने की बात तो करते हैं, लेकिन बस सेवाएं संचालित नहीं की जाती।
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पिथौरागढ़-धरमघर बस सेवा भी बंद होने के कगार पर
पिथौरागढ़-धरमघर बस सेवा भी अनियमित चल रही है। धरमघर के लिए कभी-कभार बस जाती है। इस बस को अन्य मार्गों पर संचालित कर दिया जाता है। आशंका है कि यह बस सेवा भी देर-सबेर बंद कर दी जाएगी।

डिपो में अधिकारियों के तेजी से होते तबादले
पिथौरागढ़ डिपो में सहायक महाप्रबंधक को अधिक समय तक रुकने नहीं दिया जाता। बात इसी साल की करें तो सात महीने में तीन सहायक महाप्रबंधक बदल दिए गए हैं। मार्च 2017 में आलोक बनवाल ने सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यभार संभाला। मात्र पांच महीने वह यहां रहे। अगस्त में उनका स्थानांतरण हो गया। उसके बाद क्रांति सिंह को डिपो का सहायक महाप्रबंधक बनाया गया, जो केवल एक महीने यहां रहे। पिछले दो महीने से आरपी भारती पिथौरागढ़ में सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। इन दिनों वह अवकाश पर हैं।

राज्य बनने के समय थी 108 बस, अब हैं 78
राज्य बनने के समय वर्ष 2000 में पिथौरागढ़ डिपो के पास 108 बसों का बेड़ा था, जो अब घटकर 78 बसों का रह गया है। बसों में हमेशा टायरों का टोटा रहता है। टायरों के अभाव में कई बार बसों का संचालन नहीं हो पाता।
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