पिथौरागढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी जेएस नबियाल के निर्देशन में चिकित्सक और लैब तकनीशियन को लेप्टोस्पायरोसिस रोग पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान रोग की रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि लेप्टोस्पायरोसिस रोग लेप्टोस्पायरा बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है। यह संक्रमित पशुओं के मूत्र से दूषित पानी, मिट्टी के संपर्क में आने से फैलता है। जब यह रोग मानव को अपनी चपेट में लेता है तो व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। साथ ही आंखें लाल हो जाती हैं। रोग को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता बनाए रखने, दूषित पानी से बचाव और समय पर उपचार किए जाने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में एसीएमओ डॉ. मदन बोनाल, डॉ. प्रशांत धनिक, महामारी विशेषज्ञ डॉ. स्वाति कांडपाल, डॉ. रक्षित शुक्ला, डॉ. इमरान, डॉ. शुभम खर्कवाल, माइक्रोबायोलॉजिस्ट रोहित सौन आदि मौजूद रहे।