चंपावत। मानसून के दौरान सीमांत क्षेत्रों में खाद्यान्न संकट से निपटने के लिए प्रशासन और खाद्य विभाग ने बड़ी राहत दी है। बारिश के कारण रास्ते बंद होने या आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच, जिले के सभी सस्ता गल्ला विक्रेताओं (राशन डीलरों) की दुकानों तक सितंबर माह तक का एडवांस राशन पहुंचा दिया गया है। राशन का वितरण भी शुरू कर दिया गया है जिससे आपदा के समय भी उपभोक्ताओं को राशन की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सीमांत जनपद चंपावत में वर्तमान में कुल 362 सस्ता गल्ला विक्रेताओं की दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों के माध्यम से अंत्योदय योजना के 5862, प्राथमिकता प्राप्त परिवार (पीएचएच) के 29,100 और राज्य खाद्य योजना (एसएफवाई) के 25282 कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरित किया जाता है। शासन के निर्देश पर प्रशासन और खाद्य विभाग ने मानसून के दौरान संभावित बाधाओं और सड़क अवरोध की आशंका को देखते हुए टनकपुर शहरी क्षेत्र को छोड़कर जिले के अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए सितंबर माह तक का राशन भेज दिया है। सस्ता गल्ला विक्रेता उपभोक्ताओं को ई-पाॅस मशीन के माध्यम से राशन बांट रहे हैं। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मानसून के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। संवाद
कार्डधारकों के लिए भेजा 1026.985 क्विंटल गेहूं
राजकीय खाद्यान्न भंडार चंपावत की पूर्ति निरीक्षक भावना जोशी ने बताया कि ने बताया कि उन्होंने सस्ता गल्ला विक्रेताओं की दुकानों तक सितंबर माह तक का राशन पहुंचा दिया है। इनमें से अंत्योदय योजना के 637 कार्डधारकों के लिए 254.16 क्विंटल गेहूं और 414.687 क्विंटल चावल भेजा गया है। पीएचएच के 3882 कार्डधारकों के लिए 1026.985 क्विंटल गेहूं और 1681.765 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। वहीं, एसएफवाई के 2040 उपभोक्ताओं के लिए 292.15 क्विंटल गेहूं और 147.975 क्विंटल चावल भेज दिया गया है।
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टनकपुर शहरी क्षेत्र को छोड़कर जिले के अन्य सीमांत क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए सितंबर माह तक का राशन भेज दिया गया है। इससे खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-प्रियंका भट्ट, जिला पूर्ति अधिकारी, चंपावत