ग्लेशियर काटकर खोली जा रही दारमा घाटी को जाने वाली सड़क।
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केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने दारमा मार्ग पर 23 किमी तक बर्फ हटा ली है। अभी 15 किमी मार्ग पर बर्फ को हटाया जाना है।
इस वर्ष भारी बर्फबारी के कारण दारमा घाटी के लिए बनी 38 किमी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। माइग्रेशन के लिए 14 गांवों के करीबन डेढ़ हजार से अधिक परिवारों को दारमा जाना है। सीपीडब्लूडी ने संसाधन बढ़ाकर मार्ग को खोलने में अब तेजी दिखाई है। दारमा के युवाओं का एक दल हेजेंद्र फिरमाल की अगुवाई में सड़क खोलने के काम को देखने गया। इस दल ने भी श्रमिक और संसाधन दोनों को बढ़ाने की मांग की है। इनका कहना है कि देरी के चलते इस बार दारमा के लोग खेती नहीं कर पाएंगे। सीपीडब्लूडी के सहायक अभियंता स्वप्निल सागोडे ने बताया कि वर्तमान तक सड़क 23 किमी यानि नागलिंग से 200 मीटर पीछे तक वाहनों के लिए खुल चुकी है। अभी 15 किमी सड़क खोली जानी है। पैदल यात्रा मार्ग को ढॉकर तक खोलने में अभी 10 दिन का समय लगने की संभावना है।
नुकसान का जायजा लेने को गांव के लिए रवाना
अमर उजाला के 23 अप्रैल के अंक में दारमा घाटी के 10 गांवों में बर्फबारी से घरों को नुकसान की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इस खबर को पढ़ने के बाद लोगों को घरों की चिंता होने लगी है। दारमा सेवा संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सेलाल ने बताया कि बुधवार को ढाकर गांव के रतन सिंह, दौलत सिंह, रमेश सिंह और सीपू गांव के धीरेंद्र सिंह सीपाल नुकसान का जायजा लेने अपने-अपने गांवों को रवाना हो गए हैं। उनके लौटने पर ही गांव में बर्फबारी से हुई क्षति का पता लग पाएगा।