चीन सीमा के लिए बन रही सड़क कटिंग के लिए लगाई गई मशीन।
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चीन सीमा तक बन रही 95.5 किलोमीटर लंबी सड़क में से 84 किमी सड़क की कटिंग का काम पूरा हो चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर लिपुलेख पास की ओर चार किमी सड़क का निर्माण कार्य फिलहाल नहीं किया जाना है। इस लिहाज से अब चीन सीमा के लिए नजंग से बूंदी के बीच केवल सात किलोमीटर सड़क कटिंग का काम शेष रह गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट से लिपुलेख पास तक 95.5 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन की हीरक परियोजना के तहत चल रहा है। ग्रिफ ने तवाघाट से नजंग तक 26 किलोमीटर सड़क का निर्माण जनवरी में पूरा कर लिया था। घटियाबगढ़ से नजंग तक लगभग 2.5 किलोमीटर तक कठोर चट्टानों को काटने में सीमा सड़क संगठन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। दूसरी ओर लिपुलेख पास से चार किमी पहले से बूंदी गांव तक 51 किलोमीटर लंबी सड़क की कटिंग का काम पूरा हो गया है। इस समय नजंग से मालपा और लामारी होते हुए बूंदी तक दोनों ओर से 14 किलोमीटर सड़क की कटिंग का कार्य किया जा रहा है। सीमा सड़क संगठन से मिले सूत्रों के अनुसार नजंग और बूंदी की ओर से लगभग सात किमी सड़क काटी जा चुकी है। अब सात किमी सड़क की कटिंग का कार्य शेष है। यह कटिंग पूरी होते ही लिपुलेख पास से चार किमी पहले तक सड़क संपर्क बन जाएगा।
ग्रिफ के अधिकारियों के अनुसार मालपा और लामारी से बूंदी के बीच की पहाड़ियां सबसे कठिन हैं। इन चट्टानों की कटिंग उनके लिए बड़ी जीत है। ग्रिफ को सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2020 तक पूरा करना है। ग्रिफ के अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो समय पर सड़क निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा।