पिथौरागढ़। शेयर मार्केट में पैसा लगाकर जल्द मालामाल होने के चक्कर में लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए। सीमांत जिले पिथौरागढ़ से 300 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि शेयर मार्केट में लगाने की चर्चा है। इनमें बैंक कर्मी, पुलिस कर्मी और शिक्षकों के भी रुपये लगे होने की बातें कही जा रहीं हैं। लॉकडाउन के बाद रकम नहीं मिलने से कर्ज लेकर पैसा लगाने वाले कई लोग सड़क पर आ गए हैं।
शेयर मार्केट में पैसा लगाने वालों में बेरोजगारों से लेकर ठेकेदार, कर्मचारी, व्यापारी हैं। पैसे के लालच में कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर भी इसमें रकम लगाई है। सेवानिवृत्त होने पर एकमुश्त मिलने वाली राशि लगाने वाले भी इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।
कुछ बैंक कर्मियों, पुलिस कर्मियों और शिक्षकों ने भी मोटी रकम शेयर मार्केट में लगाई थी। बताया जा रहा है कि इसमें कोरोना महामारी से पहले पैसा लगाने वालों को हर माह ब्याज की रकम मिल जाती थी लेकिन लॉकडाउन के बाद रकम आनी बंद हुई तो कई लोग पैैसा वापस लेने को लेकर इन लोगों के घरों के चक्कर काटने लगे, लेकिन लोगों के घरों में ताला लग चुका है।
पैसे लगाने वाले लोग अब उनके रिश्तेदारों को पकड़कर पैसा वापस दिलाने की गुहार लगा चुके हैं। आजकल लोगों के करोड़ों रुपये डूबने की चर्चा से पिथौरागढ़ बाजार गर्म है। हर गली कूचे में पैसा डूबने वाले लोगों और नगर छोड़कर भागने वालों की चर्चा कर रहे हैं। चर्चाएं हैं कि कुछ बाहुबली लोग अपना पैसा वापस ले चुके हैं लेकिन सीधे-साधे कर्मचारी ऐसे लोगों से तमाम हथकंडे अपना रहे हैं लेकिन उन्हें पैसा वापस नहीं मिल पा रहा है।
सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से नहीं जा पा रहे हैं पुलिस के पास
पिथौरागढ़। शेयर मार्केट में बिना कागजी कार्रवाई के पैसे लगाने वाले लोगों ने खुद को पुलिस के पास जाने लायक भी नहीं छोड़ा है। ये लोग सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से पुलिस के पास भी नहीं जा पा रहे हैं। ये लोग किसी तरह पैसा मिल जाए इसके लिए तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। संवाद
पुलिस को इस तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई करेगी। - रमेश तनवार, कोतवाल पिथौरागढ़।