पिथौरागढ़। विंग्स फाउंडेशन और वन प्रभाग पिथौरागढ़ ने संयुक्त रूप से पिथौरागढ़ मॉथ काउंट-3 का आयोजन किया। 17 जुलाई से 28 जुलाई तक आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों को पतंगों (मॉथ) का जैव विविधता में बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज भी अधिकांश लोग पतंगों के महत्व और उनके जीवन चक्र से अनभिज्ञ हैं। बताया कि पतंगे तितलियों से भिन्न होते हैं। अधिकांश पतंगे रात में सक्रिय रहते हैं। कुछ प्रजातियां दिन में भी देखी जाती हैं। विश्व भर में पतंगों की लगभग 1,60,000 ज्ञात प्रजातियां हैं। बताया कि भारत में पतंगों की 12,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
कुछ पतंगे फूलों के परागण में सहायक होते हैं। पतंगे पक्षियों, चमगादड़ों और अन्य जीवों के लिए भोजन का प्रमुख स्रोत हैं। ऐसे में इनका आहार श्रंखला में भी महत्वपूर्ण योगदान है। डीएफओ आशुतोष सिंह के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुनस्यारी से चंदन कुमार और बृजेश धर्मशक्तू ने विशेष सहयोग दिया।