धारचूला में दारमा घाटी के लोगों को मछली पालन की जानकारी देतीं मत्स्य विभाग की वैज्ञानिक अर्चना
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में मत्स्य पालन की संभावनाओं को लेकर मत्स्य विभाग और पंचाचूली सहकारी समिति की ओर से नया बस्ती में कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान बताया गया कि दर से नागलिंग तक मछली पालन की अपार संभावनाएं हैं। विभाग की सहायक वैज्ञानिक अर्चना नगन्याल ने बताया कि क्षेत्र में रेनबो ट्राउट प्रजाति की मछली का उत्पादन आसानी से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मछली पालन व्यक्तिगत या समूह के माध्यम से कर सकते हैं। बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत बाजार की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है। पंचाचूली सहकारी समिति के अध्यक्ष राम सिंह सोनाल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सूक्ष्म लघु उद्योग के लिए भारत सरकार की स्टैंडअप योजना में तीन प्रतिशत ब्याज दर से एक करोड़ रुपये तक ऋण की व्यवस्था है।
चल निवासी दिनेश चलाल ने कहा कि गांव में मत्स्य तालाब निर्माणाधीन है। सामाजिक कार्यकर्ता कल्याण सिंह सोनाल ने कहा कि दारमा की आर्थिक स्थिति में मछली पालन से सुधार की गुंजाइश है। कार्यशाला में नारायण सिंह दरियाल, मान सिंह दुग्ताल, कलो देवी, भवान सोनाल, जीवन मार्छाल, दीवान मार्छाल, लक्ष्मण दरियाल, मान सिंह, धर्म दुग्ताल, करण दुग्ताल आदि मौजूद रहे।