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खर्राटाक के जंगल में नेपाली शिकारियों का डेरा

Wed, 21 Jan 2015 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक के जंगल मेें फिर हथियारबंद नेपाली शिकारी गिरोह ने डेरा जमाया है। शिकारी ग्रामीणों को बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सूचना मिलने पर वन विभाग, पुलिस और एसएसबी की टीमें बुधवार को खर्राटाक के लिए रवाना हो गई हैं।
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मां पूर्णागिरि धाम की तलहटी से लगा चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज का खर्राटाक गांव का जंगल नेपाली वन्यजीव शिकारियों का गढ़ बना हुआ है। 2011 में अमर उजाला टीम की पड़ताल में शिकारी गिरोह द्वारा वन्यजीवों का शिकार किए जाने के प्रमाण मिले थे।  2014 में कांबिंग दल और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में कांबिंग दल ने शिकारियाें की दो बंदूकें  बरामद की थीं, लेकिन शिकारी नेपाल भाग गए थे। नेपाल के शिकारी गिरोह ने इस बार फिर जंगल में डेरा जमाया है।
नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि गत 10 जनवरी से शिकारी जंगल में डेरा डाले हैं। वन्यजीवों का शिकार करने के साथ ही वे कोटकेंद्री, हेडा और धूरा गांव के 10 परिवारों को बंदूक दिखाकर धमका रहे हैं। उधर, प्रभारी कोतवाल प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर वन विभाग और एसएसबी के जवानों के साथ उप निरीक्षक सुरेंद्र खड़ायत के नेतृत्व में पुलिस फोर्स को खर्राटाक भेज दिया गया है।
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हवा भरे ट्यूब के सहारे करते हैं शारदा को आर-पार
टनकपुर (चंपावत)। ठंड के मौसम में शारदा का जल स्तर कम रहने से हर साल नेपाल के शिकारी ठंड के मौसम में ही भारतीय जंगल में डेरा जमाते हैं। पानी कम होने से हवा भरे ट्यूबों के सहारे शिकारी गिरोह आसानी से शारदा को आरपार करता है।
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