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Pithoragarh News: भूख ने मचाया शोर... तब सिस्टम के कानों ने सुनीं लाचारी की सिसकियां

Thu, 26 Feb 2026 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। मजबूर मां-बेटे की भूख ने सोशल मीडिया पर ऐसा शोर मचाया कि उसने व्यवस्था की चुप्पी को भी चीर दिया। वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन तक पीड़ा पहुंची और डीएम ने मदद के लिए रात को टीम भेजी।
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गंगोलीहाट तहसील के दूरस्थ गांव जमड़कोट में रहने वाली बुजुर्ग लछिमा देवी और उनके बेटे पंकज मेहरा की लाचारी अचानक चर्चा में आ गई है। टूटे-फूटे कमरे में गुजर-बसर कर रहे इस मां-बेटे की दुनिया दो वक्त की रोटी के इंतजाम तक सिमट गई थी। बेटा गांव के लोगों से रोटी मांगकर लाता था और मां की भूख मिटाने की कोशिश करता था। वर्षों से गरीबी और अभाव की छाया में जी रहे इस परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं था। न योजनाएं, न वादे, न ही वे लोग जिनके चुनाव चिन्ह उनके दरवाजे पर आज भी चस्पा हैं।
क्षेत्र के कुछ युवाओं ने उनकी यह पीड़ा सोशल मीडिया पर साझा की। तब जाकर यह सिसकियां प्रशासन तक पहुंचीं। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने और परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। बुधवार रात करीब 9:20 बजे राजस्व विभाग की टीम अंधेरे में जमड़कोट पहुंची। मां-बेटे को राशन किट, कंबल और आर्थिक सहायता दी गई। मगर राहत के इस पल में भी लछिमा देवी की सबसे बड़ी मांग रोटी नहीं बल्कि सिर छुपाने लायक एक सुरक्षित छत थी।
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वोट मांगने वाले मदद के लिए नहीं आए
जिस घर के दरवाजे पर पंचायत चुनाव की प्रचार सामग्री अब भी चिपकी है उसी घर तक कभी कोई नेता या पंचायत स्तर का अधिकारी मदद के लिए नहीं आया। अब जब वीडियो सामने आया तो उम्मीद है कि शायद यह संवेदनशील हस्तक्षेप स्थायी सहारे में बदल जाए। उम्मीद जगी कि शायद अब इस लंबे संघर्ष पर संवेदना का मरहम लगे। बेबस मां ने राजस्व टीम से अन्य मदद की बजाय पहले सिर छुपाने लायक एक आवास की व्यवस्था कर देने की गुहार लगाई।
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