नगर में मार्च से वाहनों में भरकर पानी बांटा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था कब तक चलेगी और क्या हर गर्मी में जल संस्थान के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। शनिवार को भी जल संस्थान ने वाहनों से पानी बांटने का क्रम जारी रखा। इस व्यवस्था में लोगों को थोड़ी राहत तो मिल रही है, लेकिन विभाग का पैसा खर्च हो रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से नई पेयजल योजना बनाने, रामगंगा से लिफ्ट योजना का काम शुरू करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन हर बार इस मसले को टाला जा रहा है।
इस बार पेयजल संकट की स्थिति चरम पर पहुंच गई है। प्राकृतिक स्रोतों में पानी की बूंद नहीं है। गोरघटियां पंपिंग योजना से तीसरे दिन पानी की सप्लाई कर पाना संभव नहीं हो रहा है। हैंडपंप सूख गए हैं और लोगों को सिर्फ जल संस्थान के वाहन का ही सहारा रह गया है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि स्थिति अभी नहीं सुधरी है। पिछले दिनों हुई बारिश से स्रोतों को कोई खास लाभ नहीं हुआ। यदि मानसून की बारिश देर से होती है तो जल संस्थान को ज्यादा समय तक वाहनों से पानी बांटना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नगर में मार्च से ही पेयजल की किल्लत होने लगी थी। अब तक उसका समाधान नहीं निकल पाया है। मानसून की बारिश के बाद ही स्रोतों का पानी बढ़ेगा और प्राकृतिक स्रोत रिचार्ज हो पाएंगे।
जिला मुख्यालय में पेयजल की गंभीर किल्लत
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में पेयजल की किल्लत जारी है। शनिवार को नलों में मात्र 15 मिनट तक पानी चला। जल संस्थान ने शुक्रवार शाम थोड़ा सा पानी लिफ्ट कर टंकियों में डाला था। शनिवार सुबह सभी इलाकों से दबाव बढ़ने के कारण थोड़ा-थोड़ा पानी सभी इलाकों को दिया गया। अब हालांकि ठुलीगाड़ पंपिंग योजना में पानी का स्तर बढ़ गया है, लेकिन जल संस्थान इस पानी को कुछ सीमित इलाकों में ही बांट पा रहा है। घाट पंपिंग योजना में सिल्ट आने से तीन दिन से पेयजल सप्लाई चरमरा गई है। बारिश होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पानी का संकट दूर होगा, लेकिन जल संस्थान के सिस्टम ने लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया है।
डीडीहाट में चौथे दिन बंट रहा पानी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर में यदि एसएसबी, आईटीबीपी और समाजसेवी संगठन पेयजल वितरण का बीड़ा नहीं उठाते तो यहां हाहाकार मच जाता। जल संस्थान अपने सभी स्रोतों से जुटाए पानी को चौथे दिन बांट रहा है। यह बात अलग है कि जल संस्थान टैंकर और वाहनों से भी पानी बांटने में जुटा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा कि अच्छी बारिश होने तक संकट की स्थिति बनी रहेगी।