कनालीछीना के पलेटा में लगे हाटमिक्स प्लांट से उठता धुआं
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कनालीछीना के पास पलेटा में लगा सीमा सड़क संगठन का हॉटमिक्स प्लांट बगैर अनुमति के लगाने की बात सामने आई है। वन पंचायत की अनापत्ति पर ही प्लांट लगा दिया गया, जबकि इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की अनुमति जरूरी होती है। डीएम के सामने मामला उठने के बाद राजस्व विभाग की जांच में बगैर अनुमति के प्लांट लगाने की पुष्टि हुई है।
पलेटा में वर्ष 2006 से सीमा सड़क संगठन का हॉटमिक्स प्लांट लगा है। वर्ष 2006 में तीन साल के लिए प्लांट लगाने के लिए वन पंचायत ने बीआरओ को अनापत्ति दी थी। तब से अब तक हॉटमिक्स प्लांट लगातार चल रहा है। क्षेत्र के लोगों में हॉटमिक्स प्लांट को लेकर नाराजगी है। वन पंचायत के सरपंच परमानंद कापड़ी, प्रधान मीना कापड़ी ने 12 मार्च को डीएम के जनता दरबार में मामला उठाया था। कहा था कि हॉटमिक्स प्लांट से इलाके में प्रदूषण फैल रहा है। बांज के जंगल को नुकसान हो रहा है। चारा प्रजाति के पेड़ नष्ट हो रहे हैं। प्लांट से मात्र 300 मीटर की दूरी पर इंटर कॉलेज है। 200 मीटर नीचे 300 आबादी वाला पलेटा गांव है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
डीएम सी रविशंकर ने राजस्व विभाग को प्लांट की पड़ताल के निर्देश दिए थे। राजस्व उप निरीक्षक गोपाल सिंह की जांच में हॉटमिक्स प्लांट के बगैर अनुमति के लगाने के साथ ही पर्यावरण को हो रहे नुकसान की बात पुष्ट हुई है। राजस्व उप निरीक्षक ने बताया कि प्लांट लगाने के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है। लिहाजा पर्यावरण के साथ ही पेयजल स्रोतों पर प्लांट से खतरा उत्पन्न हो रहा है। रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। अहम बात यह है कि वर्ष 2006 से पलेटा में हॉटमिक्स प्लांट लगा है। सरकारी मशीनरी को अब प्लांट के अवैध होने का पता चल रहा है। हाल में अवैध रूप से चल रहे हॉटमिक्स प्लांटों को लेकर एनजीटी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकार भी लगाई है, उसके बावजूद प्लांट खुलेआम चल रहा है। ग्राम प्रधान और वन पंचायत सरपंच ने एक माह के भीतर प्लांट न हटाने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है।
हॉटमिक्स प्लाट को स्वीकृति नहीं मिली है। राजस्व उप निरीक्षक की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। जिलाधिकारी के स्तर से इस मामले में कार्रवाई होनी है।
-घनश्याम राणा, तहसीलदार, कनालीछीना