गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से खोले गए राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के हालात ठीक नहीं हैं। 20 साल बाद भी यहां तीन छात्रावास नहीं बन सके हैं। छात्रावासों के लिए समय से बजट नहीं मिला और अब इनकी लागत 42 फीसदी बढ़ गई है। यहां स्थित एकमात्र छात्रावास की क्षमता 112 विद्यार्थियों की है और इसमें 158 विद्यार्थी रह रहे हैं।
राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में जिले में शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे कर गंगोलीहाट में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय का संचालन शुरू हुआ। वर्ष 2012 तक विद्यालय जीआईसी के आवासीय भवन में संचालित हुआ। 2013 में विद्यालय अपने भवन पर शिफ्ट हुआ लेकिन बजट कम होने से सिर्फ एक ही छात्रावास बन सका और तीन छात्रावासों का निर्माण अटक गा। कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम ने 15.88 लाख रुपये का संशोधित प्रस्ताव भेजा, लेकिन मांग के अनुरूप बजट नहीं मिला।
दूसरे छात्रावास के लिए भी बजट कम पड़ गया और समय पर काम पूरा नहीं हो सका। लेटलतीफी के चलते वर्ष 2021 तक छात्रावासों की लागत बढ़कर 25 करोड़ पहुंच गई। कार्यदायी संस्था ने फिर से संशोधित प्रस्ताव भेजकर बजट की मांग की। प्रस्ताव अब तक सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है और इसकी मार विद्यार्थी सह रहे हैं। यहां अस्तित्व में आए एकमात्र छात्रावास की क्षमता 112 की है। तीन अन्य छात्रावास न बनने से 158 विद्यार्थी किसी तरह पुराने छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। हालात यह हैं कि विद्यार्थियों को बिस्तर लगाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। संवाद
शिक्षकों और कर्मियों की कमी से जूझ रहा है विद्यालय
गंगोलीहाट। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय कर्मियों और शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। बीते सात साल से यहां व्यायाम शिक्षक बाबू का काम कर रहे हैं। प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक, कैटरिंग असिस्टेंट कुक के साथ ही लैब असिस्टेंट के दो पद रिक्त हैं। वर्ष 2018 से हिंदी प्रवक्ता और एलटी संवर्ग में गणित, संगीत के शिक्षक नहीं हैं। कक्षा सात और आठ में संगीत विषय की अनिवार्यता के बाद भी शिक्षक न होने से विद्यार्थी परेशान हैं।
कोट
विद्यालय में चार छात्रावास बनने हैं। मांग के अनुरूप बजट न मिलने से छात्रावासों का निर्माण नहीं हो सका है। बजट की मांग की गई है।
- त्रिभुवन वर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, गंगोलीहाट।
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छात्रावास निर्माण के लिए वर्ष 2012 में 15.88 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन पूरा बजट नहीं मिल सका। संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी स्वीकृति का इंतजार है। - एलएम पंत, एई, यूपी निर्माण निगम, गंगोलीहाट।