पिथौरागढ़। इस साल लोक पर्वों पर भी कोरोना की मारी पड़ी है। पिथौरागढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही कनालीछीना समेत अन्य स्थानों पर होने वाली हिलजात्रा सांकेतिक रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है।
सोरघाटी के कुमौड़ और बजेटी गांव में हिलजात्रा बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पिथौरागढ़ के कुमौड़ में आयोजित होने वाले हिलजात्रा के मुख्यपात्र लखिया और बजेटी में हिरन, चितल को देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग पहुंचते थे। लेकिन इस बार कोरोना के कारण इन उत्सवों को केवल सांकेतिक रूप में मनाया जाएगा। इसके साथ जिले के भुरमुनी, मेल्टा, खतीगांव, सिलचमू, अगन्या, उड़ई, लोहाकोट, सेरा, पाली, डूंगरी, अलगड़ा, रसैपाटा, सुरौली, बौक्टा, पुरान, हिमतड़, चमाली, जजुराली, गनगड़ा, बास्ते, भैस्यूड़ी, मुडल देवलथल, सतगड़, सिरोली सिनखोला, कनालीछीना आदि स्थानों में हिलजात्रा का आयोजन किया जाता है, लेकिन कोरोना के कारण इन आयोजनों को सांकेतिक रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बताया कि मुखौटों की पूजा की जाएगी। किसी भी तरह का मेला नहीं होगा।
बालाकोट में हिलजात्रा प्रधान मनोज रावल और हिलजात्रा बालाकोट समिति अध्यक्ष कुंडल सिंह रावल ने बताया कि कोरोना के कारण सिर्फ मुखौटों की पूजा अर्चना की जाएगी।
हिलजात्रा समिति के पदाधिकारियों के बीच में ही होगी। घरों से हिरण, चितल, बड़ी हौल, छोटी हौल, गल्या समेत अन्य मुखौटे लाए जाएंगे। मोस्टा आंगन में सुबह पूजा अर्चना की जाएगी। शाम को किसी भी तरह का मेला नहीं होगा।
नवीन सेट्टी, अध्यक्ष, हिलजात्रा समिति बजेटी।
प्रशासन के दिए निर्देशों के अनुसार ही कुमौड़ की हिलजात्रा का आयोजन किया जाएगा। कुमौड़ में विधि-विधान से पूजा पाठ होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जाएगा।
यशवंत महर, सदस्य, हिलजात्रा समिति कुमौड़
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24पीटीएच07 पी- बजेटी हिलजात्रा (फाइल फोटो)
24पीटीएच08 पी- कुमौड़ हिलजात्रा (फाइल फोटो)