पंचाचूली की तलहटी में शिकारियों द्वारा लगाई गई आग
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उच्च हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों में शिकारियों की घुसपैठ रोकने में वन विभाग नाकाम हो गया है। मंगलवार की सुबह से पंचाचूली की तलहटी, बुड़गैरधार, लीलम, निरतोली के बुग्यालों में जबर्दस्त आग लगी है। इस बात के पूरे संकेत मिले हैं कि यह आग शिकारियों ने लगाई है, क्योंकि जिन इलाकों में आग लगी है, वहां पर दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं रहती। शीतकाल शुरू होते ही बुग्यालों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार बुग्यालों में छठी बार आग लगाई जा चुकी है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र से इस मौसम में कस्तूरा मृग, थार, हिरन, चीतल, भालू आदि जानवर निचले इलाकों को उतरने लगते हैं। ऐसे में शिकारी जानवरों के आने वाले रास्तों पर आग लगाकर उनको घेर लेते हैं और उनको मौत के घाट उतार देते हैं। पिछले दिनों धारचूला क्षेत्र में इसी तरह की घटनाओं में लिप्त चार शिकारी वन विभाग ने पकड़े थे।
धधकी आग का धुआं मंगलवार की सुबह पंचाचूली की चोटियों तक पहुंचा। काफी दूर से यह धुआं साफ दिखाई दे रहा है। वन विभाग ने 15 दिन पहले बुग्यालों में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों की टीम बुग्यालों में भेजने का दावा किया था, लेकिन न तो आग की घटनाएं रुकी हैं और न कोई शिकारी अब तक पकड़ में आए हैं। वन रेंजर पूरन सिंह रौतेला ने कहा कि आग लगने की ताजा घटना के बाद फिर से टीम मौके पर भेजी गई है। उनका कहना है कि यह टीम आग लगने के कारणों का पता लगाएगी और शिकारियों की सक्रियता की जानकारी हासिल करेगी।