पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट के बाहर धरना देते पूर्व सैनिक और अन्य संगठनों के लोग। संवाद
पिथौरागढ़। पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट करने के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश भर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे।
संगठन के जिलााध्यक्ष मयूख भट्ट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे जिले के पूर्व सैनिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सीमांत जिले में स्थापित पर्यावरण बटालियन ने सूखे पहाड़ों को हरा-भरा कर प्रदेश और देश के पर्यावरण को मजबूती प्रदान की है। सूखते जल स्रोतों को पर्यावरण बटालियन ने बचाया है। अब सरकार सोच रही है कि पर्यावरण बटालियन का काम खत्म हो गया जो गलत है। यही कारण है कि पर्यावरण बटालियन को गुजरात और राजस्थान शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसा कर पूर्व सैनिकों के रोजगार को छीनने के साथ ही पलायन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चेतावनी देते हुए कहा यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। पूर्व सैनिकों के धरने को सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी, यूकेडी, समानता मंच, पतंजलि योग समिति के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों ने अपना समर्थन दिया। धरना देने वालों में विजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह कठायत, मोहित चौंसाली, प्रमिला बोहरा, दीपा जोशी, कमलेश जोशी, राजेंद्र सिंह खनका, महेश पांडे, कमलेश जोशी आदि मौजूद रहे।