पिथौरागढ़। राजकीय शिक्षकों ने सरकार के साथ ही शिक्षा विभाग को बड़ी राहत दी है। शिक्षकों ने पूर्व में त्यागे अपने दायित्व संभाल लिए हैं। इसके साथ ही शिक्षक छात्रवृत्ति परीक्षा भी कराएंगे।
दरअसल, पदोन्नति और स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग पर राजकीय शिक्षकों ने आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने पठन-पाठन के अलावा अन्य कोई काम नहीं करने का निर्णय लिया था। उन्होंने स्कूल में प्रभारी प्रधानाचार्य का पद भी त्याग दिया था। शिक्षकों के 16 सितंबर को प्रस्तावित छात्रवृत्ति परीक्षा में सहयोग नहीं करने के ऐलान के बाद परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। अब शिक्षकों ने पठन-पाठन के अलावा अन्य दायित्वों के निर्वहन का फैसला लिया है। विभाग की ओर से छह अक्तूबर को छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। पिथौरागढ़ जिले में 29 केंद्रों पर परीक्षा होगी और इसके लिए 3752 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। शिक्षकों ने भी परीक्षा को कराने में हामी भरी है।
सात को पक्ष में नहीं आया फैसला तो फिर से करेंगे आंदोलन
पिथौरागढ़। राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पदोन्नति और स्थानांतरण के मामले में सात अक्तूबर को फैसला होना है। यदि उनके पक्ष में निर्णय नहीं आया तो फिर से आंदोलन होगा। विभाग ने भी सात अक्तूबर से पहले ही छात्रवृत्ति परीक्षा कराने का निर्णय लिया है ताकि परीक्षा में कोई अड़चन आ सके।
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कोट:
छह अक्तूबर को छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन होगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। 29 केंद्रों में परीक्षा होगी। राजकीय शिक्षकों का इसमें सहयोग मिलेगा।
हरक राम कोहली, सीईओ, पिथौरागढ़
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राजकीय शिक्षकों के मामले में सात अक्तूबर को फैसला होना है। तब तक संगठन से सभी दायित्वों के निर्वहन का फैसला लिया है। छात्रवृत्ति परीक्षा में भी राजकीय शिक्षक सहयोग करेंगे। यदि उनके हक में फैसला नहीं आता है तो संघ फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होगा। प्रवीण रावल, जिलाध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ, पिथौरागढ़