पिथौरागढ़। बजट से सभी वर्ग के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। गृहणियों का कहना है कि सरकार को महंगाई नियंत्रित करने वाला बजट पेश करना चाहिए ताकि आम लोगों के चूल्हे जलते रहे। किसानों ने पहाड़ में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रावधान रखने की उम्मीद जताई है। कर्मचारी वर्ग का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाल करने को लेकर व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही इनकम टैक्स के स्लैब का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए।
गृहिणियां
छोटी लघु योजनाओं का लाभ पहाड़ की महिलाओं को मिले इसके लिए सरकार को बजट में व्यवस्था करनी चाहिए। महिलाएं छोटे उद्यम स्थापित कर सकें इसके लिए सरकार को ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार अपना सकें। - गंगा खड़ायत, गृहिणी एवं लघु उद्यमी, डीडीहाट।
हाल के वर्षों में महंगाई काफी बढ़ चुकी है। सीमित आय वाले परिवारों की महिलाओं के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को ऐसा नियंत्रित बजट पेश करना चाहिए जिसमें आम आदमी के पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। रसोई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - पुष्पा देउपा, गृहणी डीडीहाट।
केंद्र सरकार के आम बजट में महंगाई में और कमी कर घर का बजट ठीक करना जरूरी है। सरकार को खाद्य पर्दाथों पर टैक्स कम करना चाहिए ताकि आम आदमी के लिए रसोई का बजट काबू में रहे।उम्मीद है कि केंद्र सरकार बजट में इस ओर ध्यान देगी। - लक्ष्मी तड़ागी, टनकपुर।
महंगाई काफी बढ़ गई है जिससे आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है। सरकार को घरेलू सामान के मूल्यों में कमी करनी चाहिए। उम्मीद है कि सरकार रसोई के बजट को नियंत्रित करने के लिए आम बजट में इसका ख्याल रखेगी। - गीता चंद, शिक्षिका, टनकपुर
बजट में घरेलू दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए। खाद्य पदार्थों, तेल, रसोई गैस के दामों में कमी होनी चाहिए। महंगाई के चलते गरीब से लेकर मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को रसोई चलाने में काफी दिक्कतें होती हैं। - कुसुम राय, गृहिणी, लोहाघाट।
आम आदमी तो यही चाहता है कि सरकार रोजमर्रा की चीजों को सस्ता करे। बजट में मध्यम वर्ग परिवार में उपयोग होने वाली रोजमर्रा की वस्तु सस्ती होनी चाहिए। दवाइयां सस्ती होनी चाहिए। बजट लोगों के उम्मीदों के मुताबिक होना चाहिए। - रेखा मुरारी, गृहिणी, लोहाघाट।
आम बजट को महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पेश किया जाना चाहिए जिससे की हर क्षेत्र में महिलाओं को उनके समान अधिकारी मिल सके। साथ ही ऐसे बजट की आशा है की महिलाओं के हित में होगा। निर्मला भट्ट, गृहिणी, चंपावत।
सरकार ऐसा बजट पेश करे जिससे हमारे घर के खर्च के साथ जरूरी वस्तुओं से तालमेल बना रहे। रसोई का खर्च कम हो सके। साथ ही महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में काम आसान हो। - पुष्पा देवी, गृहिणी, चंपावत।
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किसान
पहाड़ का कृषि क्षेत्रफल लगातार सिमट रहा है। लोग सिंचाई की सुविधा नहीं और जंगली जानवरों के कारण खेती छोड़ रहे हैं। पहाड़ के किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए और जंगली जानवरों से सुरक्षा के ठोस उपाय किए जाने को लेकर बजट में प्रावधान होना चाहिए। -कुंदन सिंह साही, चामी, पिथौरागढ़।
पहाड़ की अधिकांश खेती मौसम के भरोसे है। किसान हाड़तोड़ मेहनत कर फसलें उगाता है। फसलों को कभी मौसम तो कभी जानवर नुकसान पहुंचा देते हैं। किसानों को उचित मुआवजे के साथ ही जानवरों से खेती की सुरक्षा को लेकर बजट में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। - विजय चुफाल, हुपली, पिथौरागढ़।
बजट में किसानों का खास ख्याल रखना चाहिए। किसानों को उन्नत प्रजाति के बीज निशुल्क देने की व्यवस्था करनी चाहिए। सूखा, अतिवृष्टि, दैवी आपदा से फसलों को होने वाले नुकसान का पूरा मुआवजा देने का प्रावधान बजट में होना चाहिए। चाहिए। - बलदेव राय, किसान, लोहाघाट।
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किसान अपनी माटी से जुड़कर सम्मानजनक ढंग से अपना जीवन यापन कर सके और बाहरी क्षेत्रों को पलायन न करे। पर्वतीय क्षेत्र में विषम परिस्थितियों में खेती करने वाले किसानों के लिए बजट में विशेष प्रावधान होना चाहिए। - मदन पुजारी, अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन, लोहाघाट।
बजट किसानों के हक में हो ऐसी उम्मीद है। सरकार को देश के करोड़ों किसानों की सहूलियत का ध्यान रखना चाहिए। किसानों को देखते हुए बजट पेश किया जाए ताकि लगातार किसानों को हो रही समस्याओं का समाधान हो सके। - उदय राम भट्ट, किसान, चंपावत।
सरकार की ओर से पेश होने वाला जो बजट हो वह हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया जाए। साथ ही उसमें किसानों को ध्यान रखा जाए। और उसके अनुरूप बजट पेश किया जाए। - ईश्वरी दत्त भट्ट, किसान, चंपावत।
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कर्मचारी
सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से मांग है कि उनका 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते का एरियर सरकार जारी कर दे। कोविड काल में सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए और डीआर के पेमेंट पर रोक लगा दी थी। यह रोक करीब 18 महीने तक बनी रही। इनकम टैक्स का स्लैब बढ़ाया जाना चाहिए। - विजेंद्र लुंठी, कर्मचारी, पिथौरागढ़।
टैक्स के स्लैब का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा बजट में बचत का दायरा बढ़ाए जाने का प्रावधान कर्मचारियों के लिए किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारी बचत कर सकेगा। पुरानी पेंशन बहाली या फिर इसके समानांतर कोई व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। - मोहन लाल वर्मा, कर्मचारी, पिथौरागढ़।
सरकारी कर्मचारियों को टैक्स स्लैब में राहत देने वाला बजट होना चाहिए। बचत की नई योजनाएं लाई जानी चाहिए। केंद्र सरकार के बजट में कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। - मोहन जोशी, कर्मचारी, टनकपुर।
महंगाई की मार से आम आदमी के साथ ही मध्यम वर्गीय लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए टैक्स में और राहत जरूरी है। कर्मचारियों के हितों का बजट में ध्यान रखा जाए। - भुवन पांडेय, कर्मचारी, टनकपुर।