फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगोलीहाट नगर पंचायत में घमासान

Tue, 26 Apr 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगोलीहाट नगर पंचायत में कथित अनियमितताओं को लेकर नगर पंचायत के सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। सात में से छह सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर मिलीभगत से विकास कार्यों के टेंडर कराने समेत तमाम गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम को त्यागपत्र भेजा है।
विज्ञापन


बाजार वार्ड की सभासद हेमा देवी, रावलगांव के सभासद गजेंद्र रावल, लाली वार्ड की सभासद किरन पंत, हनेरा वार्ड के सभासद कृष्णा बोहरा, पठक्यूड़ा वार्ड के सभासद प्रकाश पाठक, कुंजनपुर वार्ड की सभासद सुमन धानिक ने नगर पंचायत अध्यक्ष विमल रावल के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि सितंबर 2015 में डीएम के सामने नगर पंचायत की अनियमितताओं का मामला उठाया था। सात माह बाद भी शिकायतों पर जांच तक नहीं कराई गई। शासन, प्रशासन की अनदेखी से नगर पंचायत में अनियमितता जोरशोर पर है। सभासदों ने लिखा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ की मिलीभगत से ठेकेदार कार्यों का प्रकार बदलकर लाभ कमा रहे हैं। मिलीभगत से टेंडर आवंटित हो रहे हैं। वार्डों में विकास कार्यों का समान आवंटन नहीं किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने की अवधि बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है।

सभासदों का नगर पंचायत बोर्ड के प्रस्तावों में हेरफेर करने का भी आरोप है। कहा कि 26 सितंबर 2015 को बोर्ड बैठक के कई प्रस्ताव रजिस्टर में अंकित नहीं हैं। फरवरी 2016 की बैठक में नए ठेकेदारों का पंजीकरण कराने और पुराने ठेकेदारों का नवीनीकरण कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। ये प्रस्ताव रजिस्टर में अंकित नहीं किए गए। पांच ठेकेदारों में से तीन ठेकेदारों का ही नवीनीकरण किया गया। ठेकेदारों के पंजीकरण के लिए विज्ञप्ति जारी नहीं की। फरवरी की बोर्ड बैठक में 5 सभासद उपस्थित थे। प्रस्ताव रजिस्टर में ईओ ने सभी सात सदस्यों को उपस्थित दर्शा दिया। कहा कि अध्यक्ष और ईओ, ठेकेदारों से मिले हैं। इस सबसे क्षुब्ध होकर वह लोग त्यागपत्र दे रहे हैं।
विज्ञापन


ठेकेदारी करना चाहते हैं सभासद : अध्यक्ष
नगर पंचायत अध्यक्ष विमल रावल ने सभासदों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ठेकेदारों का काम संतोषजनक बताते हुए इन्हीं सभासदों ने भुगतान की संस्तुति की है। सभासद जांच न होने की बात करते हैं। एसडीएम जांच कर डीएम को भेज चुके हैं, कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सभासद स्वयं ठेकेदारी करना चाहते हैं। इसी कारण गलत आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें