जिला महिला अस्पताल में एक महिला के गर्भ में शिशु की मौत से बौखलाए लोगों ने बुधवार को करीब दो घंटे तक अस्पताल में हंगामा काटा। लोगों ने महिला अस्पताल के डाक्टरों पर लगातार गुमराह करने का आरोप लगाया और दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। हंगामा बढ़ने के बाद सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टकाना निवासी और भाजपा नेता राधे लाल वर्मा ने बताया कि उनकी बहू अंजलि वर्मा पत्नी आशुतोष वर्मा गर्भवती थी। उसके गर्भस्थ शिशु की जांच तीसरे महीने, छठे महीने में कराई गई। महिला अस्पताल के डाक्टरों ने गर्भ में बच्चे को स्वस्थ बताया। एक माह पूर्व फिर से जांच की गई तब भी डाक्टरों ने गर्भस्थ शिशु में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं बताई। श्री वर्मा ने बताया कि 28 अप्रैल को जब बहू को दर्द होने पर प्रसव के लिए महिला अस्पताल में भर्ती किया गया तो गर्भ से शिशु मृत पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि महिला अस्पताल के डाक्टरों ने उनको लगातार गुमराह किया और गलत जानकारी दी। उन्होंने डाक्टरों की डिग्री की जांच करने और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मामले की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता महिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया और इसे डाक्टरों की गंभीर लापरवाही बताकर जांच की मांग की। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र रावत, महामंत्री ललित पंत, मनोज सामंत, गिरीश जोशी, महेश पाठक, डीके देवलाल, गोपू महर, देवी लाल वर्मा समेत तमाम लोग थे। अस्पताल के कर्मचारियों और डाक्टरों के व्यवहार से नाराज लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए।
मामले की गंभीरता को देख मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीके श्रीवास्तव महिला अस्पताल पहुंचे। वह धरने पर बैठे लोगों के साथ ही जमीन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। जांच में जिसका भी दोष साबित होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सारी जांच रिपोर्ट अपने पास रख ली हैं। हंगामे को देखते हुए अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।