कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर गाला से मालपा जाने के लिए बिंद्राकोटी की दो किलोमीटर तीखी चढ़ाई इस बार भी यात्रियों को परेशानी में डालेगी। इस रास्ते में कटारपानी, प्यलछिंदी, छंकनरे, लमारी में रास्ता बेहद संकरा है। इन स्थानों पर रास्ते को नुकसान भी पहुंचा है। रास्ते में बनी सीढ़ियां इतनी ऊंची हैं कि कई बार इसमें यात्रियों का सामान लेकर जाने वाले खच्चर गिर जाते हैं।
गाला से मालपा की ओर बढ़ते समय बिंद्राकोटी की यह चढ़ाई सभी को परेशानी में डालती है। गाला से आगे बढ़ने के लिए कोई दूसरा रास्ता न होने के कारण इसी चढ़ाई को जैसे तैसे पार करना पड़ता है। कैलास यात्रियों को पिछले कुछ वर्ष से नारायण आश्रम तक वाहनों से ले जाया जाता है। वहां से लिपुलेख दर्रे तक का सारा सफर पैदल होता है। इस क्षेत्र के प्रधानों का कहना है कि बिंद्राकोटी की इस पहाड़ी से स्थानीय लोग, ट्रैकर, यात्री और व्यापारी जाते रहते हैं लेकिन रास्ते को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी रायपा, अर्चना देवी, गंगोत्री देवी, हरीश सिंह आदि ने कहा है कि रास्ता जहां पर संकरा है उसे चौड़ा किया जाए और खतरनाक स्थानों पर रेलिंग लगाई जाए।