हवलदार मोहन पाठक के शव पर पुष्पचक्र चढ़ाते सेना के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
17 असम रायफल्स में तैनात भटीगांव निवासी हवलदार मोहन चंद्र पाठक (42) पुत्र कृष्ण चंद्र पाठक की दीमापुर में जूनियर लीडरशिप कोर्स के दौरान 20 मार्च को हार्टअटैक से मौत हो गई। हवलदार का बुधवार अपरान्ह रामगंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। धारचूला से आए कुमाऊं स्काउट्स के जवानों ने हवलदार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाए।
हवलदार मोहन चंद्र पाठक के पार्थिव शरीर को लेकर यहां पहुंचे असम रायफल्स के वारंट अफसर गोविंद सिंह सामंत ने बताया कि पाठक की तैनाती मणिपुर में थी, लेकिन वह कुुछ दिनों के लिए दीमापुर कोर्स के लिए गए थे। 20 मार्च की सुबह उनको दिल का दौरा पड़ा। तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुमाऊं स्काउट्स के नायब सूबेदार दौलत सिंह, हवलदार उमेद सिंह, नायक हरीश सिंह, सिपाही कवींद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह समेत तहसीलदार रघुवीर सिंह ने हवलदार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए। दिवंगत हवलदार का एक भाई गोविंद पाठक भी असम रायफल्स में तैनात है। हवलदार की तीन बेटियां हैं।
वह अपनी मां हेमा पाठक के साथ अल्मोड़ा रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पत्नी और तीनों बेटियां भटीगांव पहुंच गए हैं। हवलदार के भाई भास्कर पाठक और दयाकृष्ण पाठक ने मुखाग्नि दी। घटना की जानकारी मिलते ही भटीगांव में शोक की लहर दौड़ गई। भारी संख्या में गांव के लोग अंतिम संस्कार के लिए थल घाट पहुंचे थे। गांव के लोगों ने बताया कि हवलदार मोहन पाठक काफी मिलनसार थे। वह जब भी छुट्टी में आते तो गांव में सभी लोगों से मिलने के लिए जाते थे।