जौलजीबी क्षेत्र में बुधवार सुबह इस तरह छाया रहा घना कोहरा। संवाद
पिथौरागढ़/अस्कोट। सीमांत जिले में पाला और कोहरा अब लोगों को परेशान करने लगा है। पाला गिरने से तापमान में गिरावट आ गई है। वहीं घाटी वाले इलाकों में कोहरा छाने से ठिठुराने वाली ठंड का अहसास हो रहा है। बीते एक सप्ताह के भीतर तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आई है जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। सुबह-शाम लोग ठंड से बचने के लिए हीटर, ब्लोअर और अंगीठी का सहारा ले रहे हैं।
मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, कनालीछीना सहित अन्य हिस्सों में इन दिनों खूब पाला गिर रहा है। वहीं जौलजीबी, बगड़ीहाट, तीतरी, द्वालीसेरा, थल सहित अन्य हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाने से लोग परेशान हैं। नैनीपातल, वड्डा, गुड़ौली आदि जगहों पर सड़कों पर पाला गिरने से फिसलन बढ़ने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
घाटी वाले इलाकों में कोहरा छाने से धूप के दर्शन नहीं हो रहे हैं। हालांकि दोपहर बाद कोहरा छंटने से लोगों को राहत मिल रही है। पाले और कोहरे से तापमान भी गिर गया है। बीते मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। एक सप्ताह बाद ही बुधवार को यह 19 डिग्री पहुंच गया है। तापमान गिरने से सुबह और शाम कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
पाले से सब्जी की पौध को पहुंचने लगा नुकसान
पाले से सब्जी की पौध को नुकसान पहुंचने लगा है। अस्कोट के द्वालीसेरा, पीपली आदि हिस्सों में गोभी, लहसुन, धनिया सहित अन्य सब्जियों की पौध झुलसने लगी है इससे किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश नहीं होने से नमी कम हुई तो पाले से सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।