अनाथ चार बच्चों को मुफ्त शिक्षा
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बस्तड़ी हादसे में अनाथ हुए चार बच्चों को ओगला स्थित अभिलाषा एकेडमी में प्रवेश दिया गया है। इन बच्चों से कोई शिक्षा शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अभिलाषा एकेडमी के प्रबंधक किशोर पंत ने बताया कि आपदा के तुरंत बाद वह एलान कर चुके थे कि अनाथ बच्चों को अपने विद्यालय में मुफ्त शिक्षा दिलाएंगे। हादसे के बाद बस्तड़ी के अमन ने कक्षा सात में, पीयूष, विपिन ने कक्षा एक में और हर्षित ने कक्षा चार में प्रवेश लिया।
इधर, अमर उजाला फाउंडेशन ने एलान किया है कि बस्तड़ी हादसे में अनाथ हुए जो बच्चे विद्यालय में प्रवेश ले चुके हैं, उनको लोगों के सहयोग से मिली राशि से हर साल दो जोड़ी स्कूल ड्रेस, कापी-किताब, अन्य स्टेशनरी और बस्तड़ी से ओगला आने-जाने का स्कूल बस का किराया दिया जाएगा। अमर उजाला फाउंडेशन की इस मदद से बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी।
साथ ही उनको पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री मिल जाएगी। बस्तड़ी के प्रभावितों ने इस प्रयास की सराहना की है। वहीं, इस कार्य के लिए प्रदेश की जनता का आर्थिक सहयोग मिलना शुरू हो गया है। उधर, डीडीहाट के वकीलों ने कहा है कि वह बस्तड़ी के लोगों की कानूनी लड़ाई मुफ्त में लड़ेंगे।
जारी होगा लापता लोगों का डेथ सर्टिफिकेट
30 जून की रात बस्तड़ी में आई आपदा के समय लापता हुए 9 लोगों के डेथ सर्टिफिकेट जारी होंगे। तहसील प्रशासन बृहस्पतिवार को यह प्रमाणपत्र तैयार करेगा और पांच अगस्त को राहत कैंप सिंघाली जाकर लापता लोगों के परिजनों को यह प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने पर परिजनों को बीमा क्लेम लेने में आसानी होगी। एसडीएम एसके पांडे ने बताया कि शासन ने लापता लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दे दिया है। बस्तड़ी हादसे में जो नौ लोग लापता हैं उन्हें कृष्णानंद पुत्र डिगरदेव, माया प्रसाद पुत्र मुरलीधर, गिरीश भट्ट पुत्र रामदत्त, खुशी पुत्री कृष्णानंद, आर्यन पुत्र कृष्णानंद, रमुली देवी पत्नी हरीदत्त, शेखर भट्ट पुत्र दामोदर भट्ट, सरस्वती देवी पुत्री हरीदत्त और गोविंद भट्ट पुत्र मोहन भट्ट शामिल थे।